फुलवारीशरीफ : शुक्रवार को शहर में भीड़ के बावजूद तेजी गति से जा रहे हाइवा ने एक सेवानिवृत्त लेखापाल को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत घटनास्थल पर ही हो गयी.
मृतक सेवानिवृत्त लेखापाल करीब 75 वर्षीय चंद्रदेव सिंह बिक्रमगंज के रहने वाले थे, जो यहां महावीर कैंसर संस्थान में अपने गले के कैंसर का इलाज कराने के बाद वापस लौट रहे थे. दुर्घटना में वृद्ध की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. चंद्रदेव सिंह वर्तमान में अपने बेटे के साथ दानापुर के गोला रोड में रह रहे थे. गोला रोड जाने के लिए ही महावीर कैंसर संसथान से निकले और टमटम पड़ाव से जगदेव पथ जाने वाले ऑटो पर सवार होने के लिए रोड पार करने के दौरान हादसे का शिकार हो गये.
कुर्ता, पायजामा व जूता पहने और हाथ में छड़ी लिये वृद्ध की दुर्घटना में मौत के बाद स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय के दुकानदारों ने पास के एक चौकी पर लिटाकर शव को कपड़े से ढककर मानवता का परिचय दिया. हादसे के करीब 20 मिनट तक एंबुलेंस के इंतजार में सड़क पर तड़प-तड़प कर वृद्ध ने दम तोड़ दिया. वहीं घटनास्थल के पास ही मौजूद ट्रैफिक पुलिस एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं करा पायी. दुर्घटना के बाद सड़क पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गयीं.
अफरातफरी के बीच लगे जाम में मरीज को ले जा रहे एंबुलेंस भी फंसे रहे. मौके पर पहुंची फुलवारी पुलिस को स्थानीय लोगों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से यह कहते हुए रोक दिया कि मृतक के परिवार के आने के बाद ही लाश उठाने देंगे. हालांकि पटना-खगौल नौबतपुर मुख्य मार्ग नेशनल हाइवे 98 पर लगे जाम को देखते हुए कुछ बुद्धिजीवी लोग आगे बढ़े और पुलिस को सहयोग करते हुए डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया.
इस बीच मृतक के पास से बरामद डायरी से नंबर निकालकर लोगों ने उनके बेटे को खबर दी. बिक्रमगंज निवासी चंद्रदेव सिंह अकाउंटेंट की नौकरी से सेवानिवृत हुए थे. पुलिस आॅफिसर जुबैर आलम ने बताया कि महावीर कैंसर संस्थान में इलाज के बाद उनका बेटा हरेराम सिंह दवा लेने के लिए रुक गये थे. इसी दौरान रोड पार करने के दौरान हादसा हो गया.
