पटना : नवादा व औरंगाबाद में केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने मिलर हाइस्कूल मैदान में आमरण अनशन की शुरुआत कर दी. उपेंद्र कुशवाहा को महागठबंधन का भी साथ मिला. अनशन स्थल पर राजद के रामचंद्र पूर्वे, पूर्व सीएम जीतन राम मांझी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ मदन मोहन झा, भाकपा के सत्यनारायण सिंह व वीआइपी के मुकेश सहनी पहुंच कर सहयोग का भरोसा दिलाया. उपेंद्र ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि कई बार अपील करने के बाद भी केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करायी गयी. केंद्रीय विद्यालय खोलने का श्रेय कहीं उपेंद्र कुशवाहा को नहीं मिल जाये.
इस कारण से राज्य सरकार की ओर से पहल नहीं की जा रही है. उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती. अनशन जारी रहेगा. वहीं कार्यक्रम में आये वीआइपी नेता मुकेश सहनी ने कहा कि सरकार अगर उपेंद्र कुशवाहा के मांगों को पूरा नहीं करती है, तो 29 नवंबर से वो खुद भी उपेंद्र कुशवाहा के साथ आमरण अनशन करेंगे.
हम पार्टी के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर विद्यालय खुल जाते, तो राज्य के लगभग 25 हजार छात्रों को इससे शिक्षा मिलती. कार्यक्रम में बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने भी उपेंद्र कुशवाहा के मांगों का समर्थन किया और कहा कि वर्तमान एनडीए सरकारी शिक्षा विरोधी सरकार है. कार्यक्रम में राजद के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्व भी पहुंचे थे. उपेंद्र कुशवाहा के समर्थन में सीपीआइ के प्रदेश सचिव सत्य नारायण सिंह, वृषिण पटेल से लेकर अन्य लोग भी पहुंचे थे.
