पटना : रेलवे में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले एक युवक का शहर में दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया. हालांकि एक घंटे बाद ही कोतवाली थाना पुलिस ने अपहरण करने वाले शख्स व उसके दो साथियों को पकड़ लिया. मामला शनिवार की दोपहर दो बजे का है.
दरअसल रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए मधेपुरा निवासी राजीव कुमार पासवान ने सुपौल के चकला निवासी शैलेंद्र कुमार सुमन से सवा साल पहले डेढ़ लाख रुपये लिये थे. वहीं, जब नौकरी नहीं लगी, तो शैलेंद्र बकाया रुपये मांगने लगा. रुपये नहीं मिलने के बाद उसने धोखे से राजीव को पटना बुलाया और अपहरण कर लिया.
इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस को हुई, तो त्वरित कार्रवाई करते हुए ड्राइवर समेत चार लोगों को पकड़ा गया. बाद में ड्राइवर को छोड़ दिया गया. कोतवाली डीएसपी राकेश कुमार ने बताया कि नौकरी के नाम पर ठगी और अपहरण करने के आरोप में तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया.
पूछताछ के दौरान शैलेंद्र ने बताया कि राजीव ने 15 हजार अतिरिक्त रुपये देने की बात कह कर धोखे से मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स बुलाया. फिर अपने दोस्त कुंदन के साथ पटना जंक्शन से भाड़े पर स्कॉर्पियो गाड़ी बुक कर मौर्यालोक राजीव के पास पहुंचा.
राजीव को गाड़ी में बैठा कर अपहरण कर ले जाने लगा. शक होने के बाद राजीव चिल्लाने लगा. वहीं, ड्राइवर नागेश्वर कुमार को भी संदेह हुआ और उसने आयकर गोलंबर के पास गाड़ी रोक एक ट्रैफिक पुलिस को सूचना दी.
बुकिंग क्लर्क के नाम पर ठगे थे रुपये
शैलेंद्र ने कहा कि भागलपुर में उसका छोटा भाई धर्मेंद्र कुमार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है. अन्य साथियों के माध्यम से राजीव के बारे में जानकारी मिली. राजीव ने रेलवे में बुकिंग क्लर्क के पद पर नौकरी लगाने के लिए डेढ़ लाख रुपये लिये.
पुलिस की मानें, तो राजीव रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर दर्जनों लोगों से ठगी कर चुका है. पुलिस ने ड्राइवर नागेश्वर राम को छोड़ बाकी तीनों आरोपित शैलेंद्र, कुंदन व राजीव पासवान को जेल भेज दिया. किडनैपिंग कर भागलपुर ले जाने की योजना थी.
