पटना : अब सरकार भी आम लोगों से बिजली खरीदेगी. इसके लिए निजी आवासीय भवनों में रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना बना रही है. वहीं, राज्य के करीब 300 सरकारी भवनों में रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टर सोलर पावर प्लांट लगाने का काम तेजी से चल रहा है. इसमें हाइकोर्ट और सभी जिला कोर्ट में यह प्लांट लगाने का काम अंतिम चरण में है. इससे 2641 किलोवाट बिजली पैदा होगी.
अब सरकार आम लोगों से भी खरीदेगी बिजली, राज्य के 300 सरकारी भवनों में लग रहा रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टर
पटना : अब सरकार भी आम लोगों से बिजली खरीदेगी. इसके लिए निजी आवासीय भवनों में रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना बना रही है. वहीं, राज्य के करीब 300 सरकारी भवनों में रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टर सोलर पावर प्लांट लगाने का काम तेजी से चल रहा है. इसमें हाइकोर्ट और […]

स्मार्ट सिटी के सरकारी भवनों व राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में भी लगाने की योजना : सभी स्मार्ट सिटी के सरकारी भवनों व राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में भी इसे लगाने की योजना है. सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा नीति के तहत रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टर सोलर पावर प्लांट लगाने की जिम्मेदारी ब्रेडा को दी गयी है.
राज्य में जिन 300 सरकारी भवनों पर रूफ टॉप लगाये जा रहे हैं, उनमें पटना के 50 शामिल हैं. इसमें पटना में मुख्य रूप से आइजीआइएमएस, बेऊर जेल, हाइकोर्ट, जिला कोर्ट सहित बक्सर का जेल भी शामिल हैं.
प्लांट लगाने का काम अंतिम चरण में होगी आमदनी
ब्रेडा के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए बड़ी जगह को प्राथमिकता दी जाती है. ऐसे में बड़े निजी आवासीय भवनों की छतों पर अधिक जगह होना प्लांट लगाने के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. वहां प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का उपयोग उस भवन में करने के बाद बची बिजली बेची जा सकती है.
डगमारा पनबिजली परियोजना 2020 में बन जायेगी डीपीआर
सुपौल के डगमारा में पनबिजली परियोजना
के लिए डीपीआर 2020 तक बन जायेगा. इस संबंध में डीपीआर बनाने वाली कंपनी रोडिक कंसल्टेंट के अधिकारी स्थल भ्रमण कर डीपीआर तैयार करने में जुटे हैं. नये डीपीआर के अनुसार परियोजना स्थल भारत-नेपाल सीमा से करीब 31 किलोमीटर दूर होगा. साथ ही परियोजना की क्षमता 130 मेगावाट होगी. परियोजना का पहला डीपीआर वैपकॉस ने तैयार किया था. उसे लेकर कई स्तरों पर आपत्ति थी.