पटना : दो माह बाद भी नहीं बांटा जा सका एक भी डस्टबीन

पटना : ठोस कचरा प्रबंधन के तहत कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने की योजना है. इस योजना के तहत निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हरे-नीले रंग के डस्टबीन मुफ्त में मुहैया कराना है, ताकि आसानी से सूखे व गीले कचरे का कलेक्शन किया जा सके. तत्कालीन नगर आयुक्त ने जुलाई माह में एक […]

पटना : ठोस कचरा प्रबंधन के तहत कचरे से कंपोस्ट खाद बनाने की योजना है. इस योजना के तहत निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हरे-नीले रंग के डस्टबीन मुफ्त में मुहैया कराना है, ताकि आसानी से सूखे व गीले कचरे का कलेक्शन किया जा सके. तत्कालीन नगर आयुक्त ने जुलाई माह में एक लाख घरों में डस्टबीन मुहैया कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था. लेकिन, दो माह बीत जाने के बाद भी अब तक एक भी घर में डस्टबीन नहीं पहुंच सका है.
मुख्यालय स्तर से खरीदे जाने हैं डस्टबीन : ठोस कचरा प्रबंधन के तहत खरीदे जाने वाले उपकरणों के लिए विशेषज्ञों की टीम है. इस टीम को जिम्मेदारी दी गयी कि हरे-नीले रंग के डस्टबीन खरीदे और अंचलों को मुहैया कराये. लेकिन, अब तक डस्टबीन की खरीदारी नहीं की जा सकी है. निगम अधिकारी ने बताया कि राशि के अभाव में डस्टबीन नहीं खरीदे जा रहे हैं. फंड मिलते ही डस्टबीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.
लटक गयी है कंपोस्ट खाद बनाने की योजना
अंचल कार्यालयों के सेकेंडरी कूड़ा प्वाइंट पर कंपोस्ट खाद बनाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी है. नूतन राजधानी व पाटलिपुत्र अंचल के सेकेंडरी कूड़ा प्वाइंट की ग्राउंड पीच का कार्य पूरा कर लिया गया है. लेकिन, कंपोस्ट खाद बनाने की व्यवस्था नहीं की गयी है. वहीं, अगमकुआं स्थित सेकेंडरी प्वाइंट पर अब तक कुछ काम नहीं किया गया है. स्थिति यह है कि अब तक कंपोस्ट खाद बनाने की योजना फाइलों में ही दबी है.

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