परीक्षा में बैठे बिना ही पूर्व स्पीकर सदानंद सिंह समेत अन्य लोगों के सगे संबंधियों को बांट दी नौकरियां

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पटना : निगरानी एक के विशेष जज मधुकर कुमार की कोर्ट में बुधवार को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने वर्ष 2011 में बिहार विधानसभा सचिवालय में निम्न वर्गीय लिपिक नियुक्ति मामले में बड़े पैमाने पर की धांधली में पूर्व स्पीकर और वरिष्ठ विधायक सदानंद सिंह समेत 40 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है. नौ मई 2011 में मामला दर्ज कर जब निगरानी ने जांच किया तो पाया कि सदानंद सिंह समेत सभी आरोपियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए सगे-संबंधियों की नियुक्ति कर ली, जबकि वे परीक्षा में भी नहीं बैठे थे.

जांच में पाया कि वर्ष 2001 में नियुक्ति का विज्ञापन निकाला गया था. निगरानी ने परीक्षा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष झौरी प्रसाद पाल के खिलाफ पूर्व में ही 25 अक्तूबर को चार्जशीट दाखिल कर दिया था. उक्त मामला निगरानी के तत्कालीन उपाधीक्षक मृत्युंजय चौधरी द्वारा वर्ष 2010 के जांच प्रतिवेदन पर 40 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. नियुक्ति में कई गड़बड़ियां सामने आयी थी.
दो अवर सचिव, तीन उपसचिव, पीए भी शामिल
इसके बाद पूर्व स्पीकर सदानंद सिंह के अलावा 12 वीं विधान सभा के अवर सचिव बैजू प्रसाद सिंह, प्रशाखा पदाधिकारी सुबोध जायसवाल, उप सचिव अरुण कुमार, अवर सचिव रामेश्वर चौधरी, उप सचिव वशिष्ठ देव तिवारी, उप सचिव पुरुषोत्तम मिश्रा, पीए कामेश्वर प्रसाद सिंह, उप सचिव राज किशोर यादव, निम्न वर्गीय लिपिक सह लाभार्थी प्ररेणा कुमार, अवधेश सिंह, राजीव चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज किया था.
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