पटना : नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने मंगलवार को राज्य के चारो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक की. उन्होंने सभी स्मार्ट सिटी शहरों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिया कि वह कोई भी प्रोजेक्ट उस शहर के पूरे क्षेत्र की भावी जरूरतों को देखकर तैयार करें. इससे आगे चलकर होने वाले विकास कार्यों में परेशानी नहीं हो.
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चाहे वह ड्रेनेज का सिस्टम हो, सीवरेज का सिस्टम हो या जलापूर्ति की योजना है, इनकी डीपीआर व्यापक रूप से तैयार किया जाये. मंत्री को चारो स्मार्ट सिटी शहरों का प्रेजेंटेशन दिखाया गया. राज्य में सबसे पहला स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त करने वाले भागलपुर के प्रोजेक्ट की स्थिति सबसे सुस्त है. इस पर मंत्री ने असंतोष जताया. मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम भी धीमी गति से चल रहा है.
भागलपुर स्मार्ट सिटी शहर में अब तक डीपीआर ही तैयार हो रही है. मंत्री का कहना था कि अब तक भागलपुर में सभी कार्यों का टेंडर का काम पूरा हो जाना चाहिए था. सबसे पहले स्मार्ट सिटी की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए उन्होंने विभाग के पदाधिकारियों को अगले शनिवार को जाकर फिर से समीक्षा करने का निर्देश दिया. भागलपुर को निर्देश दिया गया कि वह अपने कार्यों का पूरा प्रेजेंटेशन तैयार रखें, जिसकी शनिवार को समीक्षा की जायेगी.
मंत्री ने मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी की खुद समीक्षा अगले शनिवार को करने का निर्देश दिया. वह मुजफ्फरपुर में वहां के स्मार्ट सिटी के सभी पदाधिकारियों और जिलाधिकारी व प्रमंडलीय आयुक्त की उपस्थिति में शनिवार को समीक्षा करेंगे. उन्होंने पटना स्मार्ट सिटी और बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट का काम भागलपुर व मुजफ्फरपुर की तुलना में संतोषजनक पाया.
