पटना : विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि बाढ़ की विभीषिका से निबटने के सरकारी दावों की कलई पहले हफ्ते ही खुल गयी. उन्होेंने कहा कि सरकार के अधिकारी बेपरवाह हैं. आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की इन्हें कोई चिंता नहीं है.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य के 15 जिले बाढ़ की चपेट में हैं. उत्तर बिहार की नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. जान, माल, फसल मवेशी का लगातार नुकसान हो रहा है. हर वर्ष बाढ़ राहत व बचाव, तटबंध निर्माण पुनर्वास के नाम पर अरबों रुपये का बंदरबांट हो रहा है. नीतीश सरकार हवाई सर्वेक्षणों की सरकार है. धरातल की वास्तविक पीड़ा से इन्हें कोई सरोकार नहीं है.
प्रकृति को दोष देने की कार्ययोजना पर काम : राबड़ी
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा है कि सरकार राहत और बचाव की जगह प्रकृति और चूहों को दोष देने की कार्ययोजना पर काम कर रही है.
जनता की इन्हें कोई फिक्र नहीं है. हर बात के लिए सरकार प्रकृति को दोष देकर अपनी जिम्मेदारियों से छुटकारा पा लेती है. उन्होंने कहा कि सरकार बताये कि 14 वर्षों के शासन के बाद भी बाढ़ की वार्षिक विभीषिका से सदा के लिए निबटारे के लिए क्या दूरगामी कदम उठाये गये. अब तक कितने लाख करोड़ खर्च किये गये.
