पटना : मनरेगा के कामों की जीआइएस मैपिंग

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हर प्रखंड की दो-दो पंचायतों में लागू होगा पटना : मनरेगा के सभी कामों की अब जीआइएस मैपिंग होगी. इससे कोई भी जान सकेगा कि किस गांव में कहां पर किस तरह का काम हो रहा है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अभी राज्य के सभी प्रखंडों की दो-दो पंचायतों […]

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हर प्रखंड की दो-दो पंचायतों में लागू होगा
पटना : मनरेगा के सभी कामों की अब जीआइएस मैपिंग होगी. इससे कोई भी जान सकेगा कि किस गांव में कहां पर किस तरह का काम हो रहा है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अभी राज्य के सभी प्रखंडों की दो-दो पंचायतों में मनरेगा के काम की जीआइएस मैपिंग होगी. राज्य में 534 प्रखंड हैं.
सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारी को ट्रेनिंग दी जा रही है. अब तक की व्यवस्था में मनरेगा का काम ग्राम सभा से पारित होता है और इसके बाद वह शुरू हो जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. प्रशानिक स्तर से तो इसकी निगकानी होती ही, लेकिन अब आम लोग कहीं से भी बैठे आॅनलाइन काम की प्रगति, कितना काम हुआ, यह सब जान सकेंगे. लोग यह भी जान सकेंगे कि काम कितना जनहित में है. सात ही काम गांव के किस स्थान पर होरहा है. उसके आसपास क्या-क्या हुआ है, यहभी जाना सकेंगे. जीआइएस मैपिंग के लिए राज्य के मनरेगा के सभी पीओ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.एप पर अपलोड होगी जानकारी : पायलट प्रोजेक्ट के तहत हर प्रखंड की दो-दो चयनित पंचायतों में मनरेगा के काम का जीआइएस मैपिंग होगी. ग्राम सभा से चयनित होने के बाद काम की जीआइएस मैपिंग होगा.
योजना से संबंधित संबंधित सारी जानकारी एप पर अपलोड हो जायेगी. आम लोग भी कहीं से भी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी जान सकेंगे. राज्य में पहली बार इस तरह की व्यवस्था हो रही है. अभी राज्य के 1068 पंचायतों में यह काम शुरू होगा. इसी साल पूरे राज्य में यह व्यवस्था लागू की जायेगी.

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