पटना : जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने मंगलवार को कहा है कि तेजस्वी यादव कम से कम अपने घर को तो छोड़ देते. उन्हें हड़पने की ऐसी आदत लगी है कि अपने भाई-बहन को ही साइड लाइन कर दिया. वे नहीं चाहते हैं कि उनके घर से कोई दूसरा नेता बने. यही वजह है कि वे ना तो तेजप्रताप यादव को तरजीह देते हैं और ना ही बहन मीसा भारती को.
इतिहास गवाह है कि कभी भी आग लगी है तो वो घर के चिराग से ही. तेजस्वी जरा संभल कर रहें. जिस पद पर बड़े होने की हैसियत से तेजस्वी की बड़ी बहन को बैठना चाहिए, उस पर कुंडली मारकर वे बैठ गये. यदि बहन मीसा भारती इन्कार करती तो उस पद पर बड़े भाई तेजप्रताप यादव बैठते, लेकिन तेजस्वी ने हद ही पार कर दी.
माता-पिता को कौन-सी घुट्टी पिलायी की सबकुछ उनको ही दे दिया. तेजस्वी यादव से कहीं ज्यादा योग्य उनकी बड़ी बहन मीसा भारती हैं. उनके बड़े भाई तेजप्रताप ज्यादा पढ़े-लिखे हैं. लालू प्रसाद की छवि उनमें दिखती है, लेकिन तेजस्वी उन्हें राजनीति के मेनस्ट्रीम में नहीं आने दे रहे हैं.
वो राजद में रह कर घुट रहे हैं. जो आग उनके घर में लगी है वो कभी बुझने वाली नहीं है. वहीं, संजय सिंह ने ट्वीट कर तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा है कि 23 मई को भूचाल आयेगा, लेकिन उसका केंद्र बिंदु उनका परिवार होगा. चुनाव परिणाम आने के साथ देश एनडीए की जीत का गवाह बनेगा, लेकिन बिहार की जनता तेजस्वी के परिवार में टूट को देखेगी. 23 मई को तेजस्वी का परिवार दो फाड़ हो जायेगा.
