साफ्टवेयर में डाटा अपलोड न होने से मार्च से रुका हुआ है वेतन
पुलिस मुख्यालय ने एक सप्ताह में प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान का लक्ष्य रखा
पटना : पुलिसकर्मियों-अधिकारियों के वेतन भुगतान में आ रही दिक्कतों को दूर किया जा रहा है. राज्य के करीब बीस जिलों के हजाराें पुलिसकर्मियों का वेतन तकनीकी कारणों से अटका हुआ है.
पुलिस मुख्यालय ने एक सप्ताह में प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों के वेतन भुगतान का लक्ष्य रखा है. वित्त विभाग के प्रधान सचिव ने भी इस संबंध में 22 अप्रैल को दिशानिर्देश दिये थे. पुलिसकर्मियों के वेतन की निकासी सीटीएमआइएस के जरिये हो रही थी. सभी प्रकार के वित्तीय कार्य आॅनलाइन करने के लिए सरकार ने सीएमएफएस प्रणाली लागू की है.
कर्मचारी का पूरा ब्योरा जब तक इस नये साफ्टवेयर में अपलोड नहीं हाेगा, वेतन जारी नहीं होगा. बिहार पुलिस में करीब सवा लाख कर्मी हैं. छोटे जिलों को छोड़कर अधिकांश जिलों में पुलिसकर्मियों का पूरा डाटा अपलोड नहीं हुआ है. इस कारण मार्च से वेतन अटक गया है. पटना में ही शुक्रवार की शाम तक मात्र 1300 पुलिसकर्मियों का डाटा अपलोड हुआ था. भागलपुर, दरभंगा, गया में भी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी वेतन का इंतजार कर रहे हैं.
जैसे-जैसे डाटा अपलोड होगा, वेतन होगा जारी
स्कूलों में एडमिशन सीजन को ध्यान में रखते हुए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय खुद इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं. डाटा अपलोड करने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. आदेश दिये गये हैं कि जैसे-जैसे पुलिसकर्मियों का ब्योरा अपलोड होता जायेगा, उनकी वेतन निकासी करा दी जायेगी.
बिहार पुलिस एसोसिएशन के महामंत्री कपिलेश्वर पासवान, उपाध्यक्ष वंदना कुमारी के नेतृत्व में शुक्रवार को आइजी मुख्यालय गणेश कुमार से मिले थे. कपिलेश्वर पासवान ने बताया कि आइजी ने आश्वासन दिया है कि एक हफ्ते में सभी के वेतन की निकासी करा दी जायेगी. करीब बीस जिले के पुलिसकर्मियों का वेतन अटका हुआ है.
