पटना :हाइ सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगा रहे पर मॉनीटरिंग को लेजर गन नहीं

पटना : व्यापक सुरक्षा हितों को ध्यान में रखकर चार वर्ष पहले राजधानी के वाहनों में हाइ सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने का निर्णय लिया गया. इस नंबर प्लेट को लेजर गन (डिकोडर) अपने अाप पहचान लेता है और इससे सड़क पर आ जा रहे वाहनों के मानीटरिंग में सुविधा होती है. पिछले दिनों एचएसआरपी लगाने […]

पटना : व्यापक सुरक्षा हितों को ध्यान में रखकर चार वर्ष पहले राजधानी के वाहनों में हाइ सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने का निर्णय लिया गया. इस नंबर प्लेट को लेजर गन (डिकोडर) अपने अाप पहचान लेता है और इससे सड़क पर आ जा रहे वाहनों के मानीटरिंग में सुविधा होती है. पिछले दिनों एचएसआरपी लगाने की गति में तेजी आयी है और हर दिन पूरे प्रदेश में लगभग तीन हजार व पटना में एक हजार वाहनों में इन्हें लगाया जा रहा है. समेकित रूप से देखें तो अब तक जिला परिवहन कार्यालय में पंजीकृत चार-पांच फीसदी वाहनों में इसे लगाया भी जा चुका है.
लेकिन एक भी लेजर गन अब तक नहीं लगाया जा सका है. ऐसे में जिन वाहनों में एचएसआरपी लगे हैं, उन वाहनों की ऑटोमेटिक मॉनीटरिंग भी संभव नहीं हो पा रही है. शहर के विभिन्न चौराहों पर लेजर गन का इंस्टॉलेसन हो जाता तो उसमें लगे कैमरे में सामने की सड़क से गुजरने वाले हर वाहन की तस्वीर नंबर के साथ अपने आप कैद हो जाती. किसी आपराधिक वारदात या आंतकी गतिविधियों के बाद केवल वाहनों के नंबर डालने से विभिन्न चौराहों पर लगे कैमरे की रेंज में आते साथ उनके गुजरने की सूचना मिल जाती और अपराधियों तक पहुंचने में सुविधा होती. लेकिन गन की कमी से अब तक कोई फायदा नहीं मिला है.
57 डीलर प्वाइंट पर लग रहा एचएसआरपी :अब हाइ सेक्युरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट राजधानी के 57 डीलर प्वाइंट पर मिल रही है और नये वाहन खरीदने वालों को इसके लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता है. छह केंद्रों पर पुराने वाहनों में भी एचएसआरपी लग रहे हैं. इनमें राजापुर पुल, राजीव नगर, आरपीएस मोड़, कंकड़बाग, सिपारा पुल शामिल हैं.

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