पटना : रात को कितने लोग देखते हैं मोबाइल फोन आइजीआइएमएस करेगा शोध

पटना : रात को कितने लोग मोबाइल फोन पर चिपके रहते हैं और उनको क्या-क्या बीमारियां होती हैं. इस पर आइजीआइएमएस शोध करने जा रहा है. आइजीआइएमएस का दावा है कि संस्थान में ऐसे मरीज आते हैं जो मोबाइल के अधिक इस्तेमाल करने से अलग-अलग बीमारियों से ग्रस्त होते हैं. यह शोध बायोकेमेस्ट्री विभाग के […]

पटना : रात को कितने लोग मोबाइल फोन पर चिपके रहते हैं और उनको क्या-क्या बीमारियां होती हैं. इस पर आइजीआइएमएस शोध करने जा रहा है. आइजीआइएमएस का दावा है कि संस्थान में ऐसे मरीज आते हैं जो मोबाइल के अधिक इस्तेमाल करने से अलग-अलग बीमारियों से ग्रस्त होते हैं. यह शोध बायोकेमेस्ट्री विभाग के डॉ रोशन कुमार करेंगे.
दरअसल बुधवार को आइजीआइएमएस एथिकल कमेटी की बैठक आयोजित की गयी. इसमें जानकारी देते हुए एथिकल कमेटी के सचिव डॉ मनीष मंडल ने कहा कि 62 शोध पत्र आये थे जिसमें 30 फैकेलटी मेंबर, 27 सीनियर रेजीडेंट, तीन जूनियर रेजीडेंट और दो नर्सिंग कॉलेज से आये डॉक्टरों के शोध पत्र पास किये गये हैं. चार शोधपत्रों में कमियां मिलने पर रिजेक्ट किया गया है.
दो साल में पूरे करने हैं शोध: डॉ मनीष मंडल ने कहा कि मस्तिष्क ज्वर में कितने बच्चे ब्रेन टीबी के शिकार होते हैं इस पर शिशु रोग विभाग की डॉ स्वेता मुनी शोध करेंगी. 58 विषय पर शोध होंगे.

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