पटना : चुनाव में हवाला कारोबार रोकना बड़ी चुनौती, इन स्थानों से पकड़े गये पैसे

पिछले तीन महीने में आयकर विभाग व पुलिस ने एक करोड़ 75 लाख रुपये किये जब्त पटना : राज्य में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत अन्य शहरों में तेजी से हवाला का कारोबार पनपने लगा है. चुनाव को देखते हुए इसे रोकना बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है. आयकर विभाग ने महज पिछले तीन महीने […]

पिछले तीन महीने में आयकर विभाग व पुलिस ने एक करोड़ 75 लाख रुपये किये जब्त
पटना : राज्य में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर समेत अन्य शहरों में तेजी से हवाला का कारोबार पनपने लगा है. चुनाव को देखते हुए इसे रोकना बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है. आयकर विभाग ने महज पिछले तीन महीने में करीब दो करोड़ रुपये हवाला के जब्त किये हैं. इन पैसे को लाने ले जाने वालों को अलग-अलग स्थानों से पहले पुलिस ने पकड़ा. इसके बाद जब पैसे की जांच-पड़ताल आयकर विभाग ने शुरू की, तो इसका कोई हिसाब नहीं मिल पाने से ये रुपये जब्त हो गये. जांच में पता चला कि ये रुपये हवाला के जरिये यहां आये थे.
हैंडलर के जरिये ये रुपये पहुंचाये जाते: हवाला के इन रुपये को इसके सही मालिक के पास पहुंचाने के लिए हैंडलर (रुपये को लाने-ले जाने के लिए किसी व्यक्ति) का उपयोग किया जाता है. हैंडलर को सिर्फ यह बताया जाता है कि रकम को यहां से लेकर किसी खास व्यक्ति तक पहुंचा देना है. इसके बदले उसे कमीशन के तौर पर आठ से 10 हजार रुपये मिलते हैं.
इन हैंडलर के व्हाट्स एप पर किसी नोट का आधा टुकड़ा रहता है, जिसे वे बैग डिलेवरी करने वाले व्यक्ति के पास पहले से मौजूद आधा टुकड़े वाली फोटो को मिलाता है. ये दोनों एक दूसरे को बिना जाने-पहचाने सिर्फ फोटो मिलाकर बैग का देन-लेनकर लेते हैं, बिलकुल फिल्मी कहानी की तरह.
इन स्थानों से पकड़े गये पैसे
पटना के स्टेशन रोड इलाके से 12 लाख रुपये जनवरी में जब्त किये गये. इसके बाद कोतवाली थाना क्षेत्र में 29 लाख जब्त हुए. हालांकि इस मामले में संबंधित व्यक्ति से आयकर की पूछताछ जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस स्रोत बता नहीं पाने के कारण रुपये का जब्त होना तय है. मुजफ्फरपुर से एक बार 50 लाख और दूसरी बार बस स्टैंड से एक करोड़ 12 लाख रुपये जब्त हो चुके हैं.
चुनाव में हो सकता है गलत उपयोग : इस हवाला नेटवर्क का उपयोग चुनाव में होने की बड़ी आशंका है. पैसे का लेन-देन होने और अलग-अलग स्थानों पर इसके पहुंचाने का यह बहुत बड़ा जरिया बन सकता है. कुछ खुफिया जानकारी भी आयकर व अन्य जांच एजेंसियों को मिली है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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