पटना : राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने बिहार में बालिका गृहों में कथित कुव्यवस्था को लेकर प्रदेश की नीतीश सरकार पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद प्रदेश के आश्रय गृहों में जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह से अमानवीय और भयानक है. लालू ने ट्वीट कर कहा है कि ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद बिहार के आश्रय घरों में जो कुछ भी हो रहा है, वह पूरी तरह से अमानवीय और भयानक है. गरीब मासूम बच्चियों के साथ लगातार दुर्व्यवहार, उत्पीड़न, मारपीट और बलात्कार हो रहे हैं. अगर नीतीश सरकार सुप्रीम कोर्ट की नहीं सुन रही है, तो वे और किसकी सुनेंगे?’
मालूम हो कि मुजफ्फरपुर शहर स्थित एक बालिका गृह, जहां लड़कियों का यौन शोषण किये जाने का मामला पिछले साल प्रकाश में आया था, की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई कर रही है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और लालू के छोटे पुत्र तेजस्वी ने भी ट्वीट कर आरोप लगाया ‘मुजफ्फरपुर बलात्कार कांड की पीड़ित और गवाह लड़कियां भागी नहीं थी, जैसा मैंने कहा था, उन्हें एक साजिश के तहत भगाने की पटकथा लिखी गयी है, ताकि सत्ता शीर्ष पर बैठे सफेदपोशों को बचाया जा सके. कौन है, वो बड़ा नेता और अधिकारी, जो लड़कियों का शोषण करता था?’
मामले की जांच कर रहे पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार ने अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंप दी है. बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि उन्हें जो जानकारी दी गयी है, उसके अनुसार लड़कियों के उक्त बालिका गृह की खिड़कियों के जरिये भागने की जो बात बतायी गयी, उसमें सच्चाई नहीं प्रतीत होती है. ऐसा लगता है कि जरूर किसी ना किसी पदाधिकारी की मिलीभगत से बालिका गृह के मुख्यद्वार से लड़कियां निकाली गयीं. उन्होंने कहा कि हम पूरी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे हैं और उसका अध्ययन कर समाज कल्याण विभाग को बतायेंगे और कार्रवाई करना उनके हाथ में है.
