पटना : प्रदेश में भाजपा की 17 सीटों में से करीब आधे पर होंगे नये उम्मीदवार

पटना : लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया है. बिहार में भाजपा इस बार जदयू और लोजपा के साथ गठबंधन करने के कारण 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस चुनाव में उसके आधा या इससे ज्यादा उम्मीदवार नये होंगे. कुछ को पहली बार लोकसभा का टिकट मिलेगा, तो कुछ का स्थान बदला जायेगा. […]

पटना : लोकसभा चुनाव का बिगुल बज गया है. बिहार में भाजपा इस बार जदयू और लोजपा के साथ गठबंधन करने के कारण 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. इस चुनाव में उसके आधा या इससे ज्यादा उम्मीदवार नये होंगे. कुछ को पहली बार लोकसभा का टिकट मिलेगा, तो कुछ का स्थान बदला जायेगा.
कुछ विधायकों या एमएलसी को सांसद का टिकट भी मिल सकता है. इस बार उत्पन्न हुई कुछ परिस्थितियों के बदौलत भी भाजपा को नये लोगों को ही टिकट देना पड़ेगा. उसकी मधुबनी, पटना साहिब, बेगूसराय और दरभंगा सीटों के मौजूदा सांसदों का अब वापस रिपीट होना संभव नहीं है, सब के कारण अलग-अलग हैं.
बेगूसराय सांसद भोला सिंह का निधन होने से यह सीट खाली है, तो पटना साहिब सांसद शत्रुघ्न सिन्हा बागी होकर तकरीबन पार्टी छोड़ ही दी है. ऐसी ही स्थिति दरभंगा सांसद कीर्ति झा आजाद की भी है. उनके बागी तेवर के कारण पार्टी ने उन्हें निलंबित तक कर दिया है. मधुबनी सांसद के उम्र को देखते हुए उन्हें आराम देने की तैयारी है.
इसके अलावा रालोसपा कोटे की सीटों पर भी नये उम्मीदवार होंगे. पूर्णिया और नालंदा सीटें जदयू कोटा में जाना तय है. इसे देखते हुए पूर्णिया से भाजपा प्रत्याशी उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह ने पहले ही पार्टी छोड़कर दूसरी जमीन तलाशनी शुरू कर दी है. बक्सर, महाराजगंज और अररिया में नये उम्मीदवारों के होने की संभावना है.
महाराजगंज से भाजपा के एक एमएलसी चुनावी रेस में चल रहे हैं. हालांकि टिकटों की अंतिम घोषणा होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. दूसरी ओर पूर्वी चंपारण से राधामोहन सिंह, गया से हरि मांझी काे टिकट मिलना तय माना जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >