पटना : इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान में हृदय में खून के रुकावट की जांच करने वाली मशीन ट्रेड मिल टेस्ट खराब हो गयी है. हालांकि बीच में मशीन को बनाया गया था लेकिन मशीन फिर से खराब हो गयी. सूत्रों की माने तो यह मशीन पिछले कई माह से बंद पड़ी है.
तकनीकी कर्मियों ने मशीन को अब मरम्मत लायक भी नहीं बताया है. इसीलिए संस्थान ने बीएमएसआइसीएल को नयी मशीन खरीद के लिए प्रस्ताव भेजा है. जिस पर मुहर भी लग गयी है. हालांकि अस्पताल प्रशासन की मानें तो एक और टीएमटी मशीन है जिसे इमरजेंसी के मरीजों की जांच होती है. लेकिन उसकी क्षमता कम और मरीजों अधिक हैं.
सीने में दर्द होने पर डॉक्टर मरीज की टीएमटी जांच कराते हैं. इस जांच से पता चल जाता है कि हृदय में कहीं खून की रुकावट तो नहीं है. निगेटिव या पॉजीटिव रिपोर्ट आने पर डॉक्टर उसी के अनुसार उपचार करते हैं.
हृदय में खून की रुकावट होने पर हर्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. इस टेस्ट के बाद ही डॉक्टर तय करते हैं कि मरीज को एंजियोग्राफी करनी है या नहीं. जबकि आइजीआइसी में प्रतिदिन औसतन करीब 200 मरीज टीएमटी की जांच के लिए आ रहे हैं. लेकिन मेन मशीन खराब होने से डॉक्टर उन्हें आइजीआइएमएस रेफर कर देते हैं.
वहीं संस्थान के निदेशक डॉ एसएस चटर्जी ने कहा कि खराब टीएमटी अब बनने लायक नहीं है. टीएमटी की नयी व आधुनिक मशीन की खरीदारी लगभग अंतिम चरण में है. बहुत जल्द मशीन संस्थान को मिल जायेगी इससे समय पर जांच हो जायेगी.
