सरकार ने भेजे थे करीब 200 करोड़ रुपये
प्राचार्य व अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ गोलमाल
आर्थिक अपराध इकाई ने अन्य जिलों में भी शुरू की गड़बड़ी की जांच
पटना : औरंगाबाद जिले के सलैया में निजी स्कूलों के छात्रों को सरकारी स्कूल का छात्र बता छात्रवृत्ति के रुपये बांट दिये गये. जिले में करीब 200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के रूप में बांटने के लिए आये थे, लेकिन विभागीय पदाधिकारियों और कुछ निजी स्कूल संचालकों की मिलीभगत से इस राशि का बड़ा हिस्सा गलत तरीके से निजी स्कूल के बच्चों के बीच बांट दी गयी.
करीब दो महीने पहले से आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने इस मामले की जांच कर रहा है. जांच में कई चौकाने वाली बातें सामने आयी हैं. इसमें गड़बड़ी में शामिल दो-तीन दर्जन स्कूलों का पचा चला.
इसमें कई स्कूल फर्जी पाये गये, तो दर्जनों छात्रों के नाम और पता भी फर्जी पाये गये हैं. इन छात्रों के नाम पर गलत तरीके से छात्रवृत्ति की राशि भी निकाली गयी है. इसके तार अन्य जिलों से भी जुड़ने लगे हैं. इसके बाद इओयू ने इस तरह की घपलेबाजी की जांच अन्य जिलों में भी शुरू कर दी है. सभी जिलों से छात्रवृत्ति के बांटे गये रुपये से संबंधित रिपोर्ट देने को कहा गया है.
जहां एक भी बच्चा नहीं वहां भी भेजे गये रुपये
जांच में यह बात भी सामने आयी है कि छात्रवृत्ति का वितरण कुछ ऐसे स्कूलों में कर दिया गया है, जहां एक भी बच्चा नहीं हैं. छात्रवृत्ति के रुपये जिन-जिन बैंक खातों में ट्रांसफर किये गये हैं, उन सभी का डिटेल लिया जा रहा है. इसमें कई स्तर पर लोगों के शामिल होने की आशंका है.
सरकारी पदाधिकारी से लेकर कई स्तर कर्मी और निजी लोगों के नाम भी इसमें शामिल हैं. इस घोटाले की बात सामने आने के बाद जिला स्तर पर कई दस्तावेज गायब कर दिये गये हैं. इसकी जांच भी चल रही है. इस पूरे मामले में कई बड़े नाम और बातों का खुलासा होने की आशंका जतायी जा रही है.
