पटना : वर्ष 2016-18 में जिले में 53,566 आवास पूरा करने का लक्ष्य, दो वर्षों में लक्ष्य के 18 फीसदी गरीबों का ही पूरा हुआ अपने घर का सपना

अनिकेत त्रिवेदी, पटना : बीते दो वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना की रफ्तार काफी सुस्त रही है. जिले में वित्तीय वर्ष 2016 से 2018 तक केवल 18 फीसदी ही गरीबों को अपने घर का सपना पूरा हो सका है. शेष 82 फीसदी गरीब अपने घर के लिए अभी तक बाट जोह रहे हैं. दो वर्ष […]

अनिकेत त्रिवेदी, पटना : बीते दो वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना की रफ्तार काफी सुस्त रही है. जिले में वित्तीय वर्ष 2016 से 2018 तक केवल 18 फीसदी ही गरीबों को अपने घर का सपना पूरा हो सका है. शेष 82 फीसदी गरीब अपने घर के लिए अभी तक बाट जोह रहे हैं. दो वर्ष में नीचे स्तर के कर्मियों की सुस्ती, लाभुकों का सही तरीके से चयन नहीं हो पाना, चयन के बाद स्वीकृति में देरी से लेकर कई स्तर पर लापरवाही के कारण योजना अब तक रफ्तार नहीं पकड़ पायी है.

हालात है कि दो वर्षों में जिले में 53566 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना देने का लक्ष्य रखा गया था. इसमें 37291 लोगों को जांच के बाद आवास बनाने का योग्य पाया गया था. जिसमें अब तक मात्र 10,057 लोगों का मकान ही बन कर तैयार हुआ है. जबकि, अधिकांश मामलों में या तो पहली किस्त लेकर लोग अगली किस्त का इंतजार कर रहे हैं या कई जगहों पर शौचालय का काम पूरा नहीं होने के कारण निर्माण का काम लटका हुआ है.

34,000 को स्वीकृति, 11,000 को तीसरी किस्त
जिले में आवास पूरा करने के लक्ष्य के सापेक्ष अभी 34,031 लाभुकों को आवास देने की स्वीकृति दी गयी है, जबकि इसमें 36,714 लाभुकों के जीयो टैंगिंग का काम पूरा हो चुका है. जानकारी के अनुसार जिनको योजना की स्वीकृति मिल गयी है. उन्हें तीन किस्त में एक लाख 20 हजार की राशि दी जानी होती है.
इसके बाद प्रशासन की ओर से लोगों को मकान निर्माण में और राशि मिल जाये, इसलिए इसमें शौचालय राशि का भी पैसा दिया जा रहा है. फिलहाल योजना की स्वीकृति मिलने के बाद पहली किस्त 32,061 लाभुकों को दी जाचुकी है. इसके अलावा दूसरी किस्त 22,469 लाभुकों को मिल चुकी है. वहीं 11,181 लोगों को तीसरी किस्त का लाभ दिया जा चुका है.अब योजना को तेजी से पूरा करने पर काम किया जा रहा है. इसके साथ पुराने मामलोंकी जांच भी चल रही है.
– डॉ आदित्य प्रकाश, उप विकास आयुक्त
14 जनवरी तक 20 हजार का लक्ष्य
उप विकास आयुक्त डॉ आदित्य प्रकाश अपने स्तर से इसकी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं. भले ही अब तक मात्र दस हजार के लगभग लाभुकों का निर्माण पूरा किया जा चुका है. लेकिन, प्रयास है कि 14 जनवरी तक इसका आंकड़ा 20 हजार तक लाया जा सके. इसलिए तीसरी किस्त को देकर जल्दी-से-जल्दी निर्माण पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है.
2018-19 में नहीं मिलेगी योजना की राशि
अगले वित्तीय वर्ष में जिले को योजना की राशि नहीं मिलेगी. सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार की ओर से जो फरमान आया है. इसमें कहा गया है कि जब तक पूर्व के वर्षों का काम पूरा नहीं जो जाता, तब तक नयी राशि जारी नहीं की जायेगी.
ऐसे में प्रशासन को अभी 20 हजार से अधिक निर्माण को पूरा करना है, जो व्यावहारिक रूप से पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही. ऐसे में इसकी पूरे आसार हैं कि अगले वर्ष योजना पर ग्रहण लग जाये.

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