अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा का एससी/एसटी चंद्रवंशी आरक्षण महारैला
पटना : अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा की ओर से रविवार को गांधी मैदान में एससी/एसटी चंद्रवंशी (कहार) आरक्षण महारैला का आयोजन किया गया.
प्रथम मगध सम्राट जरासंघ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर महारैला का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्य के कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि ‘ज्ञान के लिए पढ़ो, अधिकार के लिए लड़ो’.
संगठन को मजबूत करने के लिए सतत प्रयासरत रहने की बात कहते हुए उन्होंने समाज के लोगों से अपना अधिकार प्राप्त करने के लिए एकजुटता का प्रदर्शन करते रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी व गरीबी दूर करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार की कई योजनाएं हैं, उनका अधिक से अधिक लाभ उठायें. राज्य सरकार ने की ओर से 30 मई 2013 को ही अनुग्रह नारायण सामाजिक अध्ययन संस्थान से एथनोग्राफी रिपोर्ट प्राप्त कर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को भेजा जा चुका है.
इस क्रम में उन्होंने समय-समय पर महासभा द्वारा किये गये आंदोलन आदि की भी चर्चा व सराहना की. उन्होंने कहा कि महारैला में पटना समेत दूर-दराज के क्षेत्रों से आये समाज के लोगों की मौजूदगी इस बात का परिचायक है कि समाज के लोग अपना हक व अधिकार प्राप्त करने कि दिशा में सजग हैं. संगठन की प्रदेश इकाई इस दिशा में लगातार संघर्ष करती रहेगी.
उम्मीद है कि केंद्र सरकार निश्चित ही महासभा की आरक्षण की मांग पर सहमति प्रदान करेगी. महारैला की अध्यक्षता महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष प्रसाद चंद्रवंशी ने की.
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित महासभा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव पवनदेव चंद्रवंशी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रणजीत चंद्रवंशी, पटना जिला परिषद अध्यक्ष अंजू देवी, मुंगेर की मेयर व प्रदेश प्रभारी रूमा राज चंद्रवंशी, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष नीलम सिंह, समाजसेवी प्रभावती देवी, प्रदेश महामंत्री व रैली के प्रभारी शिवपूजन चंद्रवंशी, रणविजय रोशन, प्रदेस उपाध्यक्ष राजनंदन गांधी, कृष्ण कुमार चंद्रवंशी, राजेश चंद्रवंशी, अमित कुमार मंगल, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज चंद्रवंशी, प्रदेश युवा अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, प्रदेश महिला अध्यक्ष गीता चंद्रवंशी, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सुदेश चंद्रवंशी, पटना जिलाध्यक्ष धीरू चंद्रवंशी, प्रदेश युवा महामंत्री दिनेश कुमार दीपू, सुमित कुमार विक्की समेत सभी जिलाध्यक्ष, राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रदेश पदाधिकारियों व अति पिछड़ा वर्ग संघ के प्रदेश अध्यक्षों ने विचार रखे.
