पटना :बेगूसराय की रहने वाली 42 वर्षीय कारी देवी को उस समय नयी जिंदगी मिल गयी जब उनके नाक व आंख के ट्यूमर को सफल तरीके से बाहर निकाला गया. इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के ईएनटी विभाग के डॉक्टरों ने कारी देवी के नाक के रास्ते आंख का ट्यूमर निकाल कर उन्हें नयी जिंदगी दी. इलाज से पहले कारी के नाक व आंखों में दर्द, सिर में दर्द व उलटी आने जैसी दिक्कतें हो रही थीं.
आईजीआईएमएस के ईएनटी विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नाक व आंख की ग्रंथी में ट्यूमर था. इसका साइज करीब 2 सेंटीमीटर था. इसे नहीं निकाला जाता तो यह आंखों की रोशनी जाने के अलावा मौत भी हो सकती थी. डॉक्टर ने कहा कि आईजीआईएमएस में इंडोस्कोपी तकनीक से बिना चीरा लगाये ट्यूमर का इलाज शुरू कर दिया गया है.
आंख आ गया था बाहर : डॉक्टरों की मानें तो ट्यूमर का साइज बढ़ने की वजह से कारी देवी की आंख बाहर आ गयी थी. इतना ही नहीं ट्यूमर ने पूरे कॉर्निया को ढक लिया था. इस कारण उनकी आंख की रोशनी कम हो गयी थी. ट्यूमर ब्रेन के कुछ पार्ट को भी टच कर रहा था. नतीजा मरीज के सिर में लगातार दर्द की समस्या बनी हुई थी.
