''आयुष्मान भारत'' गरीबों के लिए वरदान बिहार में दृढ़ता से होगी लागू : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

सीएम चिकित्सा सहायता योजना व मुफ्त दवा योजना भी जारी रहेंगी पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीबों के लिए वरदान है. इससे न सिर्फ गरीबों का नि:शुल्क इलाज होगा, बल्कि उनके घर समृद्धि भी आयेगी. बिहार में इसे पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता से लागू किया जायेगा. […]

सीएम चिकित्सा सहायता योजना व मुफ्त दवा योजना भी जारी रहेंगी
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीबों के लिए वरदान है. इससे न सिर्फ गरीबों का नि:शुल्क इलाज होगा, बल्कि उनके घर समृद्धि भी आयेगी. बिहार में इसे पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता से लागू किया जायेगा. आयुष्मान भारत के साथ- साथ राज्य में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता योजना और अस्पतालों में मुफ्त दवा की योजना चलती रहेंगी.
मुख्यमंत्री रविवार को ज्ञान भवन में आयुष्मान भारत योजना के लांचिंग समारोह को संबोधित कर थे. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना का लाभ बिहार के करोड़ों गरीबों को मिलेगा. राज्य में योजना पर पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ काम होगा. इसमें कोई गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए लगातार मॉनीटरिंग करनी होगी. नीतीश कुमार ने बताया कि जिनकी आमदनी ढाई लाख रुपये से कम है, उन्हें राज्य सरकार मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत 10 लाख तक मदद की जा रही है. दिल्ली और मुंबई में भी इलाज कराने पर इसका लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके शासनकाल में हेल्थ सेक्टर में काफी काम हुआ है.
फरवरी, 2006 में पीएचसी में हर माह औसतन 39 मरीज आते थे. अब यह आंकड़ा 11 हजार तक पहुंच गया है. राज्य में नये मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ पारा मेडिकल संस्थान खुल रहे हैं, ताकि राज्य में डाॅक्टर और पारा मेडिकल स्टाफ की कमी न रहे. मुख्‍यमंत्री ने फिर दोहराया कि पटना मेडिकल कॉलेज व अस्‍पताल पांच हजार बेड वाला बड़ा अस्‍पताल बनेगा. पांच साल में यह बनकर तैयार हो जायेगा. एनएमसीएच और आईजीआईएमएस ढाई-ढाई हजार बेड का अस्पताल होगा. राज्य के अंदर लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसके लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है. उन्होंने डाॅक्टरों के साथ-साथ आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन में लगे लोगों से पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की. कहा-योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें. इसके पहले स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया. स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने विस्तार से योजना के बारे में जानकारी दी.
इस मौके पर राज्यपाल लालजी टंडन, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, अश्विनी कुमार चौबे व रामकृपाल यादव, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, विधानसभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारूण रशीद मौजूद थे.
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33 लाभार्थियों को मिला गोल्डन कार्ड
आयुष्मान भारत योजना की लांचिंग के मौके पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने 33 लोगों को गोल्डन कार्ड सौंपा. राज्य के 1.08 करोड़ परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा. देश में कहीं भी एक परिवार पांच लाख तक का इलाज योजना के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में करा सकेंगे. राज्य में करीब 400 सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल अब तक सूचीबद्ध हुए हैं.
नये प्रावधान पर स्वास्थ्य मंत्रालय कर रहा विचार
मेडिकल उपकरण से नुकसान पर मुआवजा
नयी दिल्ली : किसी प्रतिकूल स्थिति में मरीज को नुकसान पहुंचने पर मेडिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों को मुआवजा देना पड़ सकता है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय मेडिकल उपकरण नियम़, 2017 के तहत इस प्रावधान पर विचार कर रहा है. यह कदम इन शिकायतों के बाद उठाया है कि एक दिग्गज फार्मा की एक इकाई द्वारा त्रुटिपूर्ण तरीके से ‘हिप इंप्लांट’ किये जाने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सरकार ने ऐसे मामलों के मूल्यांकन के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति का गठित किया है. यह समिति बतायेगी कि पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर कितनी धनराशि मिले. मामले की गंभीरता के आधार पर मुआवजे की राशि तय की जायेगी.
स्वास्थ्य, पोषण के लिए चैनल होगा शुरू !
नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा है कि सरकार स्वास्थ्य व पोषण को बढ़ावा देने के लिए एक ‘स्वास्थ्य टीवी चैनल’ की शुरुआत के प्रस्ताव पर काम कर रही है. यह प्रस्तावित टीवी चैनल सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाइ) के संपूरक के तौर पर काम करेगा. यह पूरी तरह से स्वास्थ्य व पोषण को समर्पित होगा. इससे स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में संदेश के प्रसार एवं इससे जुड़े मुद्दों को लेकर जनांदोलन तैयार करने में मदद मिलेगी.

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