पटना : पटना मेट्रो की तीसरी संशोधित डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो गयी है. इसकी जिम्मेदारी संभाल रही राइट्स ने डीपीआर नगर विकास एवं आवास विभाग को सौंप दी है. अब इस पर पहले लोक वित्त समिति और फिर बिहार कैबिनेट की मुहर लगेगी, जिसमें कम से कम 15 दिन का समय लगने की उम्मीद है.
कैबिनेट के बाद इसे केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेज दिया जायेगा. नयी डीपीआर में मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब Rs 1700 करोड़ घट कर 17887.56 करोड़ रह गयी है. पहले चरण में दो कॉरिडोर (ईस्ट-वेस्ट और नॉर्थ साउथ) का निर्माण होगा, जिसमें कुल 12-12 स्टेशन होंगे.
16.94 किमी लंबा होगा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर: संशोधित डीपीआर के पहले चरण में बनने वाले दोनों कॉरिडोर के लिए एलाइनमेंट तय किया गया है.
इसमें दानापुर से पटना रेलवे स्टेशन के बीच 16.94 किमी लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर अब 13 की जगह 12 स्टेशन ही रखे गये हैं. बेली रोड पर लोहिया पथ चक्र की वजह से राजवंशी नगर मोड़ और विद्युत भवन के बीच सड़क के उत्तर अंडरग्राउंड चलेगी. जमीन के अंदर ललित भवन के पीछे जबकि विश्वेश्वरैया और पंत भवन के आगे से निकलते हुए विद्युत भवन तक जायेगी. हाईकोर्ट और इनकम टैक्स के दो स्टेशनों की जगह सिर्फ एक विद्युत भवन स्टेशन बनेगा.
ईस्ट-वेस्ट के आठ जबकि नॉर्थ-साउथ के तीन स्टेशन होंगे अंडरग्राउंड: ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर आठ स्टेशन अंडरग्राउंड, तीन (दानापुर, सगुना मोड़, आरपीएस मोड़) एलिवेटेड और एक मीठापुर स्टेशन सड़क के समतल रहेगा. इसके ठीक उलट नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर में महज तीन स्टेशन (यूनिवर्सिटी, प्रेमचंद और राजेंद्र नगर) ही अंडरग्राउंड होंगे, जबकि आठ एलिवेटेड रहेंगे.
पटना रेलवे स्टेशन दोनों कॉरिडोर का इंटरचेंज स्टेशन होगा. ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का स्टेशन अंडरग्राउंड पटना जंक्शन होते हुए मीठापुर बस स्टैंड की तरफ निकल जायेगा, जबकि नार्थ-साउथ कॉरिडोर की मेट्रो पटना रेलवे स्टेशन से शुरू होकर आकाशवाणी, गांधी मैदान व पीएमसीएच तक एलिवेटेड जायेगी. इसके बाद राजेंद्र नगर तक अंडरग्राउंड और फिर एलिवेटेड होते हुए आईएसबीटी को निकलेगी.
एतवारपुर और न्यू आईएसबीटी में बनेगा डिपो :मेट्रो की बोगियों के मेंटेनेंस को लेकर डिपो बनाने की भी तैयारी है. ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का डिपो अंतिम स्टेशन मीठापुर से आगे एतवारपुर में 18 हेक्टेयर क्षेत्रफल में जबकि नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर का डिपो आईएसबीटी (निर्माणाधीन इंटर स्टेट बस टर्मिनल) के पास ही 16 हेक्टेयर क्षेत्रफल बनाने की तैयारी है. पटना जंक्शन से अंडरग्राउंड निकलने के बाद मीठापुर छोर पर सड़क के समानांतर चलेगी.
