अब देश के ‘डिजिटल वर्ल्ड’ से जुड़ेगी बिहार पुलिस

राजेश कुमार सिंह केसों का खुलासा करने में मिलेगी मदद, दिल्ली में बनाया गया है पुलिस का नेशनल डेटा सेंटर पटना : देश भर की पुलिस भी हाइटेक हो रही है. बाकी प्रदेशों के साथ बिहार सरकार ने भी इसकी कवायद शुरू कर दी है. केंद्र सरकार के गृह विभाग का निर्देश मिला तो पिछले […]

राजेश कुमार सिंह
केसों का खुलासा करने में मिलेगी मदद, दिल्ली में बनाया गया है पुलिस का नेशनल डेटा सेंटर
पटना : देश भर की पुलिस भी हाइटेक हो रही है. बाकी प्रदेशों के साथ बिहार सरकार ने भी इसकी कवायद शुरू कर दी है. केंद्र सरकार के गृह विभाग का निर्देश मिला तो पिछले 10 सालों में दर्ज एफआईआर के आंकड़ों को ऑनलाइन करने की शुरुआत हो गयी है. देश के एफआईआर के आंकड़ों के लिए दिल्ली में पुलिस का नेशनल डेटा सेंटर बनाया गया है.
मकसद है कि देशभर में दर्ज सभी एफआईआर को सेंट्रलाइज कर दिया जाये. ताकि किसी भी प्रदेश में कोई घटना हो, उसकी जानकारी एक क्लिक में दूसरे प्रदेश में बैठे पुलिस अधिकारी हो सके. इससे विभिन्न घटनाओं का खुलासा करने में मदद मिलेगी. यह सब काम सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम) योजना के तहत हो रहा है.
प्रदेश की छह लाख एफआईआर ऑनलाइन
पुलिस मुख्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार बिहार का छह लाख से अधिक एफआईआर का डाटा ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है. गृह मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक पिछले 10 साल का ही डाटा अपलोड करना है.
डाटा अपलोड करने वाले प्रदेशों में बिहार दूसरे नंबर पर है. सारा रिकॉर्ड डिजिटाइज करने का काम रफ्तार पकड़ चुका है. सारा डाटा ऑनलाइन होते ही किसी भी राज्य की पुलिस किसी भी अन्य राज्य में दर्ज एफआईआर से संबंधित सभी जानकारी ले सकेगी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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