राजभवन घेरने की है तैयारी

बीएड नामांकन. पीडब्ल्यूसी के रवैये से आंदोलन के मूड में छात्राएं पटना : राज्य स्तरीय संयुक्त (सीईटी-बीएड 2018) बीएड कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया रविवार को भी जारी रही. कई प्राइवेट कॉलेजों ने एडमिशन जारी रखा. वहीं सरकारी कॉलेज बंद रहे. उनमें सोमवार को एडमिशन होगा. एडमिशन की तिथि 12 से बढ़ा कर 14 अगस्त कर […]

बीएड नामांकन. पीडब्ल्यूसी के रवैये से आंदोलन के मूड में छात्राएं
पटना : राज्य स्तरीय संयुक्त (सीईटी-बीएड 2018) बीएड कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया रविवार को भी जारी रही. कई प्राइवेट कॉलेजों ने एडमिशन जारी रखा. वहीं सरकारी कॉलेज बंद रहे. उनमें सोमवार को एडमिशन होगा. एडमिशन की तिथि 12 से बढ़ा कर 14 अगस्त कर दी गयी है. वहीं पटना वीमेंस कॉलेज और संत जेवियर कॉलेज ऑफ एजुकेशन में एलॉट हुए स्टूडेंट्स काफी परेशान हैं. संत जेवियर ने तो एनओयू की जारी लिस्ट से एडमिशन लेने तक से मना कर दिया. वहां पहुंचे स्टूडेंट्स ने कहा कि कॉलेज ने कहा कि सीट फुल हो चुकी है. किसी का एडमिशन अब नहीं होगा. इससे स्टूडेंट्स काफी परेशान हैं. स्टूडेंट्स एनओयू और राजभवन को घेरने की तैयारी में हैं. स्टूडेंट्स ने मांग की कि मनमानी करने वाले कॉलेजों पर सख्त कार्रवाई हो.
पीडब्ल्यूसी ने शुरू किया इंटरव्यू : एनओयू द्वारा कई छात्राओं को पीडब्ल्यूसी और संत जेवियर का बीएड कॉलेज एलॉट हुआ है. पीडब्ल्यूसी ने तो एडमिशन के लिए छात्राओं का इंटरव्यू शुरू कर दिया है.
सोमवार को इंटरव्यू का अंतिम दिन है. इंटरव्यू के लिए 300 छात्राओं को सेलेक्ट किया गया है. पीडब्ल्यूसी एडमिशन के लिए फर्स्ट कट ऑफ लिस्ट 18 अगस्त को जारी करेगा. वहीं 24 अगस्त को फर्स्ट लिस्ट के अनुसार एडमिशन भी लेगा, जबकि संत जेवियर सीटें फुल होने की बात कह रहा है. स्टूडेंट्स ने कहा कि अगर जल्द कुछ रास्ता नहीं निकाला गया तो आंदोलन होगा. बिहार में जब सीईटी-बीएड लागू हो गया है, तो यह कॉलेज अपने अनुसार कैसे एडमिशन ले सकता है. स्टूडेंट्स ने कहा कि राज्यपाल ने सख्त लहजे में यह निर्देश दिया था कि वह बीएड नामांकन मामले में राजभवन द्वारा तय नियमों का पालन करे.
उधर राज्य स्तरीय बीएड नामांकन का को-ऑर्डिनेशन कर रही नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी ने भी पटना वीमेंस कॉलेज और संत जेवियर कॉलेज ऑफ एजुकेशन का नाम ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग के लिए कॉलेजों की लिस्ट में डाल दिया था. इसके बाद यह कॉलेज कई छात्राओं को एलॉट भी कर दिया गया है. अब छात्राओं को यह समझ में नहीं आ रहा कि वे क्या करें. स्टूडेंट्स ने कहा कि माइनरिटी कॉलेज सुप्रीम कोर्ट व राजभवन की भी बात भी नहीं मान रहे तो क्या किया जाये. माइनरिटी कॉलेज अपने नियम से एडमिशन लेने की सोच रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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