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टोला सेवक व शिक्षा स्वयंसेवी के चयन को मार्गदर्शिका तैयार पटना : राज्य में टोला सेवकों और शिक्षा स्वयंसेवी की फिर से बहाली शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. इनकी बहाली के लिए शिक्षा विभाग ने नयी मार्गदर्शिका तैयार कर ली है. इसके बाद अब राज्य में नये सिरे इनके चयन की गतिविधि […]

टोला सेवक व शिक्षा स्वयंसेवी के चयन को मार्गदर्शिका तैयार
पटना : राज्य में टोला सेवकों और शिक्षा स्वयंसेवी की फिर से बहाली शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है. इनकी बहाली के लिए शिक्षा विभाग ने नयी मार्गदर्शिका तैयार कर ली है. इसके बाद अब राज्य में नये सिरे इनके चयन की गतिविधि शुरू हो जायेगी. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने मार्गदर्शिका जारी करते हुए सभी जिला पदाधिकारियों को इस मामले में पत्र लिखा है. इसके अनुसार, इनके चयन के लिए तैयार मार्गदर्शिका के आधार पर ही सभी जिलों में इनका चयन किया जायेगा.
इसमें किसी तरह की कटौती नहीं की जायेगी. सभी डीएम को कहा गया है कि वे अपनी देखरेख में इनका चयन करें और अपने-अपने जिले में इनके खाली पड़े पदों को नियोजन के आधार पर भरने का काम करें. राज्य में महादलित, दलित और अल्पसंख्यक अतिपिछड़ा वर्ग को खासतौर से साक्षर बनाने के लिए अक्षर आंचल योजना चलायी जाती है. इसका संचालन इन्हीं टोला सेवकों और शिक्षा स्वयंसेवी की बदौलत किया जाता है. अब इस योजना को फिर से नये स्तर और नये मानदंडों के साथ शुरू किया जा रहा है.
अक्षर आंचल योजना के तहत टोला सेवकों या शिक्षा स्वयंसेवी की बहाली अगस्त 2016 से बंद थी. अब इसके लिए नये दिशा-निर्देश जारी होने के बाद इसका चयन नये स्तर से शुरू हो पायेगी और योजना की गति भी तेज हो सकेगी. इसके अनुसार, पूरे राज्य में 20 हजार टोला सेवक और 10 हजार शिक्षा स्वयंसेवी की बहाली होनी है. जिलों में मौजूद जनसंख्या के हिसाब से इनकी संख्या निर्धारित की गयी है. पूरे जिले का सर्वेक्षण करके दलित-महादलित, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग बाहुल्य टोलों की सूची तैयार करके इसके आधार पर केंद्रों की स्थापना की जायेगी.
चयन के लिए तय कुछ प्रमुख मानक
60 वर्ष की आयु के पहले अगर किसी की मृत्यु हो जाती या पद मुक्त हो जाता है, तो नये कर्मी का चयन की प्रक्रिया डीएम के स्तर पर ही पूरी की जायेगी. n आवेदक की न्यूनतम योग्यता मैट्रिक या समकक्ष होगी. n उच्च योग्यताधारी को किसी तरह का अतिरिक्त मानदेय नहीं दिया जायेगा. n मैट्रिक के अलावा अनुभव के आधार पर भी अंक को जोड़कर मेधा सूची तैयार करके अभ्यर्थी का चयन होगा. इसमें आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 45 वर्ष होगी. n आवेदक महादलित, दलित या अल्पसंख्यक, अतिपिछड़ा वर्ग परिवार से होगा. n टोला सेवक या शिक्षा स्वयंसेवी उसी इलाके के रहने वाले हो, इनका आधार होना अनिवार्य है.

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