पटना : ..अब ''बंधन तोड़'' एप रोकेगा बाल विवाह और दहेज प्रथा

पटना : सरकार बाल विवाह ओर दहेज प्रथा को समाप्त करने का बिगुल फूंक चुकी है. सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर भी गांव-गांव तक लोगों को इसके प्रति जागरूक करने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. इस दिशा में सरकार तकनीक का सहयोग भी ले रही है. बाल-विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ […]

पटना : सरकार बाल विवाह ओर दहेज प्रथा को समाप्त करने का बिगुल फूंक चुकी है. सरकारी और गैर सरकारी स्तर पर भी गांव-गांव तक लोगों को इसके प्रति जागरूक करने को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. इस दिशा में सरकार तकनीक का सहयोग भी ले रही है. बाल-विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करने के लिए ‘बंधन तोड़’ नामक एप तैयार किया गया है. बाल विवाह और दहेज मांगने जैसे कार्य होंगे, तो इस एप से जुड़े लोग संस्था को इसके जरिये सूचना दे सकेंगे, जिसके आधार पर पुलिसिया कार्रवाई भी होगी. समाज कल्याण विभाग की ओर से जेंडर अलायंस नामक स्वयंसेवी संस्था की मदद से इसे शुरू किया गया है.
ऐसे करें डाउनलोड
मोबाइल में मौजूद गूगल प्ले में जाकर ‘बंधन तोड़’ एप को डाउनलोड करें. इसे डाउनलोड करने के दौरान ओटीपी नंबर एसएमएस किया जायेगा. उसे डालने के बाद नाम, जिला, ब्लॉक, उम्र और लिंग की जानकारी दर्ज करनी होगी. इसे लॉगइन करते ही एप डाउनलोड हो जायेगा.
इसके लिए हिंदी और अंग्रेजी में अलग-अलग वीडियो बनाये गये हैं, जो बाल-विवाह आैर दहेज प्रथा कानून और इसके नुकसान संबंधी जानकारी दी गयी है. कोई अनपढ़ व्यक्ति भी इसे देख समझ सकता है. इसमें सरकारी योजनाओं की भी जानकारी है. एप का इस्तेमाल अधिक-से-अधिक लोग कर सकें, इसके लिए राष्ट्रीय स्तर की कंपनी यूजर को 100 रुपये भी देगी. वहीं, इस एप के जरिये हाईस्कूल के बच्चों के लिए सिलेबस संबंधी कई वीडियो भी बनाये गये हैं.
लगी है 270 कार्यकर्ताओं की टीम
एप के जरिये बाल-विवाह की रोकथाम की दिशा में काम किया जा रहा है. संस्था सरकार के साथ मिल कर काम कर रही है. इसके लिए पूरे बिहार भर में 270 कार्यकर्ताओं की टीम इस एप के साथ जुड़ कर काम कर रही है. अलर्ट रिंग की सूचना इनके पास जायेगी. जिस इलाके से संबंधित सूचना मिलेगी. वहां यह टीम पुलिस के साथ पहुंच कर बाल-विवाह को रोकेगी.
प्रशांति तिवारी, मैनेजर, जेंडर अलायंस
अलर्ट रिंग
करेगी मदद
एप एसओएस नामक अलर्ट रिंग के जरिये लोगों की सूचना देगा. जिस
जगह पर 18 और 21 वर्ष से कम उम्र में शादी या फिर दहेज का लेन-देन किया जायेगा,
वहां पर एप से जुड़े लोग अलर्ट रिंग देकर लोगों को बता सकेंगे. सूचना मिलते ही संबंधित विभागों की टीम
मौके पर पहुंचेगी. अब तक पूरे बिहार में 1500 लोगों ने इस एप्लीकेशन को मोबाइल में डाउनलोड किया है.

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