गौरीचक लूटकांड में शामिल हैं जहानाबाद के अपराधी

पटना : गौरीचक में स्नेह पेट्रोल पंप से 19 लाख 96 हजार पांच सौ रुपये की लूट मामले में पुलिस को कुछ क्लू मिले हैं. इस लूट के पीछे जहानाबाद के गैंग का हाथ है. पुलिस जहानाबाद के कुछ चिह्नित लुटेरों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है. पुलिस इस लूटकांड को हाल में […]

पटना : गौरीचक में स्नेह पेट्रोल पंप से 19 लाख 96 हजार पांच सौ रुपये की लूट मामले में पुलिस को कुछ क्लू मिले हैं. इस लूट के पीछे जहानाबाद के गैंग का हाथ है. पुलिस जहानाबाद के कुछ चिह्नित लुटेरों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है. पुलिस इस लूटकांड को हाल में जहानाबाद में हुए 13 लाख की लूट से जोड़ कर देख रही है. दोनों घटनाएं बिल्कुल एक जैसी हैं, इन समानताओं के कारण यह माना जा रहा है कि जहानाबाद के गैंग ने ही दोनों घटनाओं को अंजाम दिया है. फिलहाल पुलिस की तफतीश जारी है. पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है. इसके अलावा पुलिस की एक स्पेशल टीम जहानाबाद में कैंप कर रही है. बहुत जल्द इस मामले में गिरफ्तारी हो सकती है.
पटना : राज कॉम्पलेक्स परिसर में शनिवार की रात पान दुकानदार अजित कुमार के हत्या मामले में पुलिस ने छानबीन तेज कर दी है. सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस ने स्केच बनवाया है. इस आधार पर बिहटा में छापेमारी की. इस दौरान 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
सभी धर्म कहते हैं, रक्तदान सबसे नेक काम
रक्तदान को लेकर बहुत से लोगों में भ्रांति है कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आ जाती है. कुछ लोग सोचते हैं कि रक्तदान के बाद खून के बनने में कई साल लग जाते हैं. कुछ लोग इसे धर्म से जोड़ते हुए कहते हैं कि धर्म में रक्तदान मना किया गया है. किंतु ऐसा कुछ नहीं होता, क्योंकि रक्तदान एक सुरक्षित और स्वस्थ परंपरा है. रक्तदान के बाद शरीर मात्र 21 दिनों के अंदर दोबारा खून बना लेता है. रक्तदान को लेकर शंकाओं के मद्देनजर डाॅक्टर के साथ ही धार्मिक प्रतिनिधियों से भी बात की जो आपकी भ्रांतियों को दूर कर रहे हैं.
इनसानियत की खिदमत है रक्तदान
सब्जीबाग दरियापुर मस्जिद के इमाम आलम कासमी कहते हैं कि खून ऐसी चीज है जिसे कृत्रिम तरीके से नहीं बनाया जा सकता है. रक्त का कोई विकल्प नहीं है. इस कारण रक्तदान बेहद खास है. यह इनसानियत की खिदमत है. जाे रक्तदान करते हैं, खुदा उसे तुरंत रिकवर कर देते हैं. उसे खून की कमी नहीं महसूस होती है. इनसान के जरिये इनसान के इस सबसे आवश्यक जरूरत को पूरा किया जा सकता है. सबको रक्तदान करना चाहिए.
ब्लड डोनेशन नेक कार्य, सब करें
रोमन कैथोलिक चर्च, बांकीपुर के फादर प्रेम कहते हैं कि ब्लड डोनेशन दुनिया का सबसे नेक काम है. हर व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए. खून का जरूरतमंद कोई जाति और समुदाय नहीं देखता, बल्कि केवल खून चाहता है. हमारे मसीही समुदाय में तो सभी पुरोहित और सिस्टर साल में एक बार निश्चित रूप से कुर्जी होली फैमिली या फिर वीमेंस कॉलेज में रक्तदान करते हैं. नेक की राह पर चलते हुए सभी को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए.
धर्म में रक्तदान का काफी महत्व
महावीर मंदिर के प्रमुख कर्मकांडी पुजारी आचार्य जटेश झा कहते हैं कि धर्म में रक्तदान का काफी महत्व है. इसे धार्मिक रूप से काफी तवज्जो दिया गया है. हमारे यहां शास्त्रों में भी ये वर्णित है. अलग-अलग विधानों में भी बताया जाता है कि रक्तदान सबको करना चाहिए. यह दुनिया में मानवता को स्थापित करने का सबसे कारगर तरीका है. रक्त मंगल का कारक है, इसके दान से मंगल (भौम) ग्रह दोष से मुक्ति मिलती है. इससे जीवन में शांति बनी रहती है.
24 से 72 घंटों में पूरा हो जाता है खून का वॉल्यूम
न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ मनोज कुमार सिन्हा कहते हैं कि पहले आप यह जान लीजिए कि खून के वॉल्यूम को शरीर सिर्फ 24 से 72 घंटो में ही पूरा कर लेता है. इससे ब्लड में कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम होती है. इस तरह हार्ट संबंधी बीमारियों से बचा जा सकता है साथ ही हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के कारण पैरालिसिस या ब्रेन हेमरेज की आशंका नहीं रहती है. नये रक्त कणों के आने से शरीर तरोताजा और स्वस्थ महसूस करता है. रक्तदान से पहले खून, हीमोग्लोबिन, बीपी और वजन की जांच करवा लें और सुनिश्चित कर लें कि आपको कोई बीमारी न हो.

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