Nitish Kumar ने कहा है कि सरकारी इमारतों का रखरखाव जरूरी है. इसके लिए जितनी भी बहाली करनी होगी, की जायेगी. शनिवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (Indian Building Congress) की 101वीं गवर्निंग काउंसिल मीट और टेक्निकल सेमिनार का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भवन, सड़क, पुल या कोई भी चीज बने, उसका निरंतर मेंटेनेंस होना चाहिए. उसके लिए संबंधित विभाग को कहा है. इसके लिए जितने लोगों की बहाली करनी पड़े, कीजिए. जब मेंटेनेंस पूरे तौर पर होगा तो कभी कोई गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी.
20 राज्यों से आये विशेषज्ञ हुए शामिल
सीएम ने कहा कि हमने भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन इंजीनियर की नौकरी नहीं किए. हमको नौकरी मिल गई थी फिर भी हम नौकरी नहीं किए और आंदोलन में लग गए, जेपी मूवमेंट से जुड़ गए. हमलोग तो काम कर रहे हैं, सेवा कर रहे हैं. हमको तो यहां आना ही था. मुख्यमंत्री ने यह बातें करने के बाद कहीं. इसमें 20 राज्यों से आये भवन मामले के विशेषज्ञ शामिल हुये. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम यहां के अधिकारियों से भी कहेंगे कि कार्यक्रम में सभी बातों को पूरी गंभीरता से सुनें, साथ ही विशेषज्ञों के अनुभव का फायदा उठाएं.
आगंतुकों से बिहार में भवन निर्माण कार्यों को देखने की अपील
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में अन्य राज्यों से आये आगंतुकों से राज्य में नये बने महत्वपूर्ण भवनों को देखने की अपील की. उन्होंने कहा कि बिहार म्यूजियम अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनवाया है, उसको भी एक बार देख लीजिए. सरदार पटेल भवन में नौ रिक्टर स्केल तक भूकंप का असर नहीं हो सकता है. यहां से सिर्फ पुलिसिंग के साथ आपदा प्रबंधन का काम भी होगा. यहां सात दिन तक रहने की पूरी सुविधा है. उन्होने कहा कि आगंतुक विशेषज्ञों की सलाह से बहुत लाभ होगा कि भवनों का किस तरह से और बेहतरीन ढंग से मेंटेनेंस हो सकता है. कार्यक्रम में अरुण सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ”पटना वास्तुकला का इतिहास और कथाएं” तथा ”इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस की स्मारिका” का मुख्यमंत्री एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने विमोचन किया.
किसान नहीं जलाये पराली
कार्यक्रम के बाद पत्रकारों द्वारा दिल्ली में प्रदूषण से संबंधित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी चीजों के बारे में पूरी जानकारी ले लीजिए. हम सभी जगह लोगों को इसके लिए अलर्ट किए रहते हैं. वर्ष 2018 से ही हम पराली नहीं जलाने के लिए लोगों को समझाते आ रहे हैं. इसके लिए हम तो सभी को कहते रहते हैं. इस बार भी लोगों को हमने बता दिया है कि पराली नहीं जलाएं. दिल्ली में जो प्रदूषण बढ़ रहा है वो आसपास के क्षेत्रों के कारण हो रहा है, इन सभी को समझने की जरूरत है.
