श्मशान घाट पर भौंरों के हमले से मची भगदड़, दाह संस्कार में आये 50 लोगों को काटा
Nawada news. प्रखंड क्षेत्र के कमालपुर गांव स्थित श्मशान घाट में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब दाह संस्कार के दौरान भौंरों के झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया.
कमालपुर गांव में अंतिम संस्कार के दौरान हुआ हमला, जान बचाने के लिए पानी में कूदे लोग
बुजुर्ग सबसे ज्यादा हुए शिकार, सीएचसी में भर्ती घायलों का इलाज जारी
प्रतिनिधि, गोविंदपुर.
प्रखंड क्षेत्र के कमालपुर गांव स्थित श्मशान घाट में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गयी, जब दाह संस्कार के दौरान भौंरों के झुंड ने लोगों पर हमला कर दिया. इस अचानक हुए हमले में करीब 50 लोग भौंरों के डंक का शिकार होकर घायल हो गये. घटना के बाद श्मशान घाट पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गयी और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. जानकारी के अनुसार, कमालपुर गांव निवासी सुनील यादव के निधन के बाद ग्रामीण उनके शव को दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गये थे. जैसे ही शव को घाट पर रखा गया, भंवरा के एक विशाल झुंड ने वहां मौजूद भीड़ पर हमला बोल दिया. युवाओं ने तो भागकर अपनी जान बचायी, लेकिन उम्रदराज लोग समय पर नहीं भाग सके और बुरी तरह घायल हो गये. खुद को बचाने के लिए कई लोग जमीन पर लेट गए, तो कुछ ने पास के पानी में डुबकी लगाकर जान बचायी.
हेलमेट और बरसाती पहनकर पूरी की रस्म
भौंरों के खौफ का आलम यह था कि लोग श्मशान घाट छोड़कर भाग खड़े हुए. हालांकि, अंतिम संस्कार की रस्म पूरी करना अनिवार्य था, इसलिए कुछ ग्रामीण बाद में हेलमेट और बरसाती (रेनकोट) पहनकर लौटे और दाह संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की. इस हमले में बालेश्वर यादव, सुखदेव प्रसाद और छोटू कुमार सहित दर्जनों लोग घायल हुए हैं.
अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
सभी घायलों को तुरंत गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया. अस्पताल में घायलों के आने का सिलसिला काफी देर तक जारी रहा. मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ. रविंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि सभी घायलों का प्राथमिक उपचार कर बेहतर इलाज किया जा रहा है. फिलहाल सभी घायल खतरे से बाहर हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है.