नवादा का कुख्यात डकैत अफजल पकड़ाया, एक किलो सोना और 20 लाख कैश बरामद

बिहार के नवादा जिले के नरहट निवासी मोहम्मद अफजल, जिसे डकैती की दुनिया का बेताज बादशाह माना जाता है, आखिरकार कानून के हत्थे चढ़ गया है. उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स और झारखंड पुलिस की एक संयुक्त टीम ने वाराणसी के सारनाथ इलाके में छापेमारी कर अफजल और उसके दो खूंखार साथियों को धर दबोचा.

नवादा कार्यालय. बिहार के नवादा जिले के नरहट निवासी मोहम्मद अफजल, जिसे डकैती की दुनिया का बेताज बादशाह माना जाता है, आखिरकार कानून के हत्थे चढ़ गया है. उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स और झारखंड पुलिस की एक संयुक्त टीम ने वाराणसी के सारनाथ इलाके में छापेमारी कर अफजल और उसके दो खूंखार साथियों को धर दबोचा. यह गिरफ्तारी अंतरराज्यीय अपराध जगत के लिए एक बड़ा झटका है. अफजल कोई साधारण लुटेरा नहीं, बल्कि सोने की डकैतियों को अंजाम देने वाले एक संगठित साम्राज्य का संचालक है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से 912.22 ग्राम (लगभग एक किलो) शुद्ध सोना, 20 लाख रुपये नकद और डकैती में इस्तेमाल की गयी बिहार नंबर की एक चमचमाती स्कॉर्पियो बरामद की है. यह गाड़ी खुद अफज़ल के नाम पर रजिस्टर्ड है. इसके अलावा टीम ने छह

हाइटेक मोबाइल फोन भी जब्त किये हैं.हजारीबाग बैंक डकैती का ब्लूप्रिंट

हाल ही में 24 अप्रैल को झारखंड के हजारीबाग जिले (बरही) स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में एक दुस्साहसिक वारदात हुई थी. हथियारों से लैस नकाबपोशों ने स्टाफ को बंधक बनाकर चार किलो सोना और भारी कैश लूट लिया था. पुलिस जांच में यह साफ हुआ कि इस पूरी साजिश की पटकथा नवादा के अफजल ने ही लिखी थी. पूछताछ में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अफजल का गिरोह किलो से कम सोने की लूट पर हाथ नहीं डालता था.

पिछले नौ वर्षों का ट्रैक रिकॉर्ड

2013 में पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित मुथुट फाइनेंस से महज 15 मिनट में 36 किलो सोने की ऐतिहासिक डकैती, 2015-2022 में कोलकाता, गया और पटना समेत कई शहरों में विभिन्न वित्तीय संस्थानों से 50 किलो से अधिक सोने की लूट. हैरानी की बात यह है कि अफजल ने अपराध की इस काली कमाई को रियल एस्टेट में निवेश कर सफेद करने की भी पूरी व्यवस्था कर रखी थी.

मर्डर से शुरू हुआ खूनी सफर

अफजल का आपराधिक जीवन वर्ष 2008 में धनबाद से शुरू हुआ, जहां वह कोयले के धंधे से जुड़ा था. व्यापारिक रंजिश के चलते उसने कोलकाता के एक बड़े कोयला व्यवसायी की हत्या कर दी थी. जेल में रहने के दौरान वह पेशेवर डकैतों के संपर्क में आया और बाहर निकलते ही अपना खुद का एक अंतरराज्यीय गिरोह तैयार कर लिया.

ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड ले गयी पुलिस

इतने वर्षों तक कई राज्यों की पुलिस की आंखों में धूल झोंकने वाला अफजल अब पुलिस की गहन पूछताछ का सामना कर रहा है. वाराणसी के सीजेएम कोर्ट में पेशी के बाद झारखंड पुलिस उसे 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गयी है. पुलिस अब नवादा में उसके नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों को खंगालने में जुटी है.

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By PRANJAL PANDEY

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