Nawada News: नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक तथा शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में नवादा में भी विरोध के स्वर मुखर हो गए हैं. भाकपा-माले, आइसा (AISA) और इनौस (RYA) के संयुक्त आह्वान पर 'आक्रोश दिवस' के तहत नवादा शहर में एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया.
भगत सिंह चौक पर हुई सभा, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
हाथों में तख्तियां, बैनर और झंडे लेकर निकले प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए भगत सिंह चौक पहुंचे, जहां आक्रोश मार्च एक प्रतिवाद सभा में तब्दील हो गया. सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले जिला कमेटी सदस्य अजीत कुमार मेहता ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी भ्रष्ट व्यवस्था और हताशा के कारण देश में 22 छात्र-छात्राओं ने अपनी जान गंवा दी है. इन मौतों की नैतिक जवाबदेही लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.
प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप
इनौस नेता मंटू कुमार ने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं होना सरकार की नाकामी को दर्शाता है. पेपर लीक माफियाओं को खुली छूट देकर देश के मेधावी व प्रतिभाशाली छात्रों के भविष्य का गला घोंटा जा रहा है. वक्ताओं ने मांग की कि पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए और सभी परीक्षाओं को धांधली मुक्त किया जाए.
प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
इस आक्रोश मार्च व सभा में भाकपा-माले जिला कमेटी सदस्य महावीर मांझी, जगदीश चौहान, रमेश पासवान, श्रीकांत महतो, सुदामा देवी, प्रमोद यादव, माले नेता अनुज प्रसाद, अर्जुन पासवान, लालपरी देवी, कुंती देवी, कमलेश कुमार, राजबल्लभ प्रसाद, अनिल दास, लटन दास, गोप गुट के वरिष्ठ नेता कामरेड दिनेश प्रसाद और महावीर राम समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और छात्र-युवा शामिल थे.
