समाहरणालय में हार्वेस्टर मालिकों के साथ बैठक, फसल अवशेष प्रबंधन पर दिये निर्देश जिले में पराली जलाने पर सख्ती : जागरूकता के साथ कड़ी कार्रवाई के निर्देश पराली जलाना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा फ़ोटो कैप्शन-बैठक में शामिल अधिकारी व अन्य. प्रतिनिधि, नवादा नगर फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन को लेकर जिलास्तरीय अंतर-विभागीय कार्य समूह एवं हार्वेस्टर मालिकों व संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में हुई. डीएम रवि प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण और कृषि उत्पादकता को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किये गये. डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पराली जलाना पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा होने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और उत्पादकता पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है. उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं और उन्हें पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करें. बैठक में जानकारी दी गयी कि जिला कृषि कार्यालय द्वारा हार्वेस्टर मालिकों एवं संचालकों को एक निर्धारित घोषणा-पत्र उपलब्ध कराया गया है. हार्वेस्टिंग कार्य शुरू करने से पहले किसानों से यह घोषणा-पत्र अनिवार्य रूप से भरवाया जायेगा, जिसमें वे पराली नहीं जलाने की प्रतिबद्धता देंगे. डीएम ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी किसान फसल अवशेष जलाते हुए पाए जायेंगे, उनका निबंधन तत्काल प्रभाव से तीन वर्षों के लिए रद्द कर दिया जायेगा और उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी. बैठक में पराली प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे कृषि यंत्रों और योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया. हार्वेस्टर संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे मशीनों में अवशेष प्रबंधन उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें. इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में हार्वेस्टर संचालक उपस्थित थे.
पराली जलाई तो तीन साल के लिए रद्द होगा निबंधन, डीएम ने दी सख्त चेतावनी
जिले में पराली जलाने पर सख्ती : जागरूकता के साथ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
