Nawada News: नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की 'अपार आईडी' (APAAR ID) बनाने की प्रक्रिया आधार कार्ड की उपलब्धता न होने से बुरी तरह प्रभावित हो रही है. प्रखंड के बड़ी संख्या में ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिनके पास या तो आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है या फिर उनके आधार में दर्ज नाम, जन्मतिथि आदि का विवरण विद्यालय के अभिलेखों से मेल नहीं खा रहा है.
33 हजार से अधिक नामांकित, 10,957 बच्चों का अपार कार्ड पेंडिंग
शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिए 'एक राष्ट्र, एक छात्र आईडी' के तहत अपार कार्ड बनाया जा रहा है. अकबरपुर प्रखंड के 204 विद्यालयों में कुल 33,663 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इनमें से अब तक 22,706 बच्चों का अपार कार्ड बन चुका है, जबकि आधार त्रुटियों व अनुपलब्धता के कारण 10,957 बच्चों का अपार कार्ड पेंडिंग पड़ा हुआ है.
भविष्य की योजनाओं और प्रवेश के लिए जरूरी है अपार आईडी
यह विशिष्ट आईडी छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक उपलब्धियों, प्रमाणपत्रों और अन्य शैक्षणिक अभिलेखों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने में बेहद मददगार होगी. भविष्य में स्कूल बदलने, छात्रवृत्ति का लाभ लेने और उच्च शिक्षा में प्रवेश के दौरान इसकी मुख्य भूमिका होगी. हालांकि, अपार आईडी निर्माण के लिए आधार सत्यापन अनिवार्य होने से तकनीकी अड़चनें आ रही हैं.
आधार केंद्रों पर उमड़ रही भीड़
विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का कहना है कि वे अभिभावकों से जल्द से जल्द आधार कार्ड बनवाने तथा सुधार कराने की अपील कर रहे हैं. प्रखंड मुख्यालय स्थित आधार केंद्रों पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण संशोधन में समय लग रहा है. वहीं दूसरी ओर, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) विधानंद कुमार द्वारा शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया जा रहा है, जिससे शिक्षकों पर दबाव बढ़ गया है. ग्रामीणों का कहना है कि सुदूर देहाती क्षेत्रों में आधार केंद्र न होने से उन्हें प्रखंड मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं.
