जमुगायं में गांववालों ने बनवाया सूर्य मंदिर

जमुगायं में गांववालों ने बनवाया सूर्य मंदिर प्रतिनिधि, सिरदलाजमुगायं गांव स्थित धनार्जय के तट पर बने सूर्य नारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है. छठ के पहले दिन से ही यहां काफी भीड़ लगती है. इस सूर्य मंदिर का निर्माण 1995 में मिट्टी की प्रतिमा से हुआ. मिट्टी की प्रतिमा को ठेकाही, नवाबगंज, […]

जमुगायं में गांववालों ने बनवाया सूर्य मंदिर प्रतिनिधि, सिरदलाजमुगायं गांव स्थित धनार्जय के तट पर बने सूर्य नारायण मंदिर में श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है. छठ के पहले दिन से ही यहां काफी भीड़ लगती है. इस सूर्य मंदिर का निर्माण 1995 में मिट्टी की प्रतिमा से हुआ. मिट्टी की प्रतिमा को ठेकाही, नवाबगंज, बैरीयाटांड़ होते हुए धनार्जय नदी में विसर्जन किया जाता था. वर्ष 2002 में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया. ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर निर्माण कार्य किया गया. शिक्षक नरेश अवस्थी, शिक्षक लवकुश पंडित, राजेंद्र राजवंशी, राजदेव प्रसाद यादव, नरेश राजवंशी, अशोक राजवंंशी, कैलाश यादव, उमेश पंडित सहित अन्य लोगों का मंदिर निर्माण में काफी योगदान रहा. मंदिर के पुजारी भूषण पांडेय व भगत जी वासुदेव मिस्त्री का कहना है कि जो भी सच्चे मन से यहां पूजा करते हैं निश्चित रूप से उनकी मुरादें पूरी होती है. सिरदला निवासी शंकर दबगर ने बताया कि उनकी बेटी को बेटा नहीं होता था. पूजा अर्चना के बाद उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई. झारखंड के कोडरमा जिले के निरू पहाड़ी के रहने वाले सकलदेव प्रसाद को भी यहां मन्नत मांगने के बाद पुत्र की प्राप्ति हुयी. यहां हिंदू ही नहीं मुसलमान भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. भगत जी ने बताया कि जमुगायं के ही कौशर मियां के चेहरे पर सफेद दाग हो गया था. इस मंदिर में मन्नत के बाद उसके चेहरे से सफेद दाग ठीक हो गया. उस दिन से प्रत्येक वर्ष छठ व्रर्ती के लिए घाट पर बैठने के लिए पलटा बिछाने का कार्य कर रहे हैं.

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