बच्चों के प्रति बनें संवेदनशील : डीएम

बच्चों के प्रति बनें संवेदनशील : डीएम बच्चे को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गोद लेना चाहिएदत्तक ग्रहण व बाल अधिकार पर उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजनफोटो-16नवादा दत्तक ग्रहण व बाल अधिकार पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन डीआरडीए के सभागार में आयोजित की गयी. इसका उद्घाटन जिलाधिकारी मनोज कुमार ने द्वीप प्रज्वलित कर […]

बच्चों के प्रति बनें संवेदनशील : डीएम बच्चे को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गोद लेना चाहिएदत्तक ग्रहण व बाल अधिकार पर उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजनफोटो-16नवादा दत्तक ग्रहण व बाल अधिकार पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन डीआरडीए के सभागार में आयोजित की गयी. इसका उद्घाटन जिलाधिकारी मनोज कुमार ने द्वीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से बिहार में एक अगस्त 2015 से लागू नयी दत्तक ग्रहण मार्ग दर्शक सिद्धांत के बारे में विस्तार से बताया गया. भावी दत्तक माता या पिता को शारीरिक, मानसिक और भावात्मक रूप से दृढ़ सक्षम, बालक का दत्तक ग्रहण करने के लिए प्रेरित होना चाहिए और उनके जीवन को जोखिम में डालने वाली चिकित्सा स्थिति नहीं होनी चाहिए. कोई भी भावी दत्तक माता या पिता, उसकी वैवाहिक स्थिति पर ध्यान दिए बिना और भले ही उसका अपना जैव पुत्र या पुत्री हो अथवा नहीं हो बालक का दत्तक ग्रहण कर सकता हैं. किसी भी बालक को एक दंपति को तब तक दत्तक-ग्रहण में नहीं दिया जायेगा जब तक कि उन्होंने स्थायी वैवाहिक संबंधों के कम से कम दो वर्ष पूरे न कर लिए हों. कोई एकल पुरुष अभिभावक किसी बालिका के दत्तक ग्रहण के लिए पात्र नहीं हैं. एकल महिला किसी भी लिंग के बालक के दत्तक ग्रहण के लिए पात्र है. दंपति की दशा में, पति-पत्नी दोनों की सहमति आवश्यक है. बालक और भावी दत्तक माता या पिता में से प्रत्येक की आयु में न्यूनतम अंतर 25 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए. चार से अधिक बालकों वाले दंपतियों पर दत्तक ग्रहण पर विचार नहीं किया जा सकता है. दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के लिए निम्न कागजातों का होना आवश्यक है. दंपति का जन्म प्रमाण पत्र, विवाह का साक्ष्य प्रमाण पत्र, संपत्ति का विवरण, दंपति का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, दंपति का तीन नवीनतम संयुक्त फोटो (पोस्टकार्ड साइज), आवासीय प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, दंपति का चिकित्सीय विशेषज्ञ रिपोर्ट, परिवार के साथ फोटो, सिफारिश चिट्ठी – दो (परिवार का). अपने संबोधन में डीएम ने कहा कि बच्चा हमेशा कानूनी प्रक्रिया के तहत ही गोद लेना चाहिए, ताकि बच्चे का उनका पूर्ण अधिकार मिल सके. उन्होंने कहा कि बच्चों के प्रति हमें संवेदनशील होना होगा. हमें अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है. इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप देना होगा. उन्होंने कहा कि अगर हम बच्चों को उचित अवसर और सही सुविधा मुहैया करायें तो निश्चित रूप से बच्चे अपने प्रतिभा के अनुरूप विकास कर सकते हैं. इस अवसर पर डीएम ने चित्रकला प्रतियोगिता के चयनित छात्रों विक्रम कुमार, महिमा कुमारी, रजनीश कुमार, अमर कुमार, रोहित राज एवं नीतीश कुमार को मोमेन्टो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उक्त कार्यशाला में अपर समाहर्त्ता महर्षि राम, डीपीओ मो कबीर, डॉ उमेश चंद्रा, डीपीआरओ परिमल कुमार, सहायक निर्देशिका बाल संरक्षण इकाई गीतांजली, वरीय उपसमाहर्त्ता हरेन्द्र राम व अखिलेश कुमार सहित सभी सीडीपीओ आदि उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >