नवादा (नगर) : सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण नगर में कूड़ा का अंबार लग गया है. त्योहार के समय ही नगर पर्षद के सफाई मजदूरों द्वारा हड़ताल की घोषणा कर दिये जाने के कारण नगर की सफाई व्यवस्था चरमरा गयी है. नगर के सभी प्रमुख सड़कों पर गंदगी का ढेर लग गया है.
मेन रोड, सोनार पट्टी रोड, पुरानी बाजार, अस्पताल रोड, गोला रोड सहित सभी प्रमुख सड़कों पर लक्ष्मी पूजा के बाद केले के थंभे, फूलों की लरियां व अन्य गंदगी का ढ़ेर लगा हुआ है.
कचरा प्वाइंटों पर गंदगी का यह आलम है कि उसकी दुर्गंध से लोगों को बगल से गुजरना भी मुश्किल हो रहा है. सफाईकर्मी द्वारा 11 नवंबर से ही हड़ताल की घोषणा कर दी गयी है. सफाईकर्मी सड़कों व गली-मुहल्लों में झाड़ू नहीं लगा रहे हैं. साथ ही कचरों का उठाव भी नहीं हो रहा है. पर्व-त्योहार के मौके पर सफाई मजदूरों की हड़ताल से लोगों को परेशानी हो रही है. में डाल दिया.
पांच सूत्री मांगों को लेकर हैं हड़ताल पर : सफाई कर्मियों द्वारा पांच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन शुरू किया गया है. नगर पर्षद में कार्यरत सफाई मजदूरों ने वर्षों से काम करनेवाले मजदूरों को स्थायी करने, छठा वेतनमान लागू करने, सफाई मजदूरों का वेतन बढ़ाने, बासगीत परचा उपलब्ध कराने तथा सफाई मजदूरों को पक्का मकान दिलाने की मांग की जा रही है. सफाई मजदूर संघ के बैनर तले शुरू किये गये अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है.
त्योहारों के इस मौसम में शुक्रवार को गंदगी भरे सड़कों व गलियों से चित्रगुप्त पूजा व भैया दूज मनाने वाले श्रद्धालुओं को गुजरना पड़ा.
15 नवंबर से लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो जायेगी, जिसमें सफाई का विशेष महत्व है. यदि जल्द ही मजदूरों की हड़ताल नहीं तोड़ी गयी तो नगर में सफाई व्यवस्था बिल्कुल चौपट हो जायेगी.
सफाई मजदूर डटे हैं अपनी मांगों पर: सफाई मजदूर संघ के अर्जुन डोम ने कहा कि सफाई मजदूर वर्षों से काम कर रहे है. लेकिन, अब तक इन्हें स्थायी नहीं किया गया है. वहीं, मजदूरी इतनी कम है कि घर का गुजारा करना मुश्किल है.
सफाई मजदूरों ने कहा कि हम लोग पूरे शहर की नाली व सड़कों की सफाई करते हैं लेकिन, हमारे पास ही रहने के लिए घर नहीं है. सफाई कर्मियों को बासगीत परचा देकर पक्का मकान बनाने की व्यवस्था किया जाना चाहिए.
