इंटर स्कूलों में पढ़ाई नदारत

इंटर स्कूलों में पढ़ाई नदारत पढ़ाई के नाम पर हो रहा दिखावाप्रतिनिधि, वारिसलीगंज इंटर विद्यालयों में तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद विषयवार शिक्षकों की बहाली नहीं हुई. कार्यरत शिक्षकों की कर्तव्यहीनता के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका है. जब भी फाइनल परीक्षा का समय आता है. कई तरह के दिखावा कर शिक्षाविद अपना दामन […]

इंटर स्कूलों में पढ़ाई नदारत पढ़ाई के नाम पर हो रहा दिखावाप्रतिनिधि, वारिसलीगंज इंटर विद्यालयों में तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद विषयवार शिक्षकों की बहाली नहीं हुई. कार्यरत शिक्षकों की कर्तव्यहीनता के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटका है. जब भी फाइनल परीक्षा का समय आता है. कई तरह के दिखावा कर शिक्षाविद अपना दामन साफ करने में लगे रहते हैं. लेकिन, सच्चाई यह है कि पढ़ाई के नाम पर शून्य साबित होने वाले शिक्षाविद कड़ाई से परीक्षा लेने व कई तरह के वायदे करते दिख जाते है. जहां तक परीक्षा को कदाचार मुक्त करने की बात विद्यालय कर्मियों व प्रशासनिक अधिकारी द्वारा की जाती है. वह धरातल पर कहीं नहीं दिखता. सिर्फ बाहरी ताम झाम दिखाकर अंदर से इनका रूख उतना ही लचीला होता है. यहां तक की परीक्षार्थियों को परीक्षा में अंदर से छूट दी ही जाती है़ साथ ही छूटे हुए प्रश्नों को भी हल करवा दिया जाता है. शिक्षक परीक्षाफल में अव्वल स्थान लाकर संस्थान का नाम बेहतर करने के लिए हरेक हथकंडा अपनाने में लगे रहते हैं. शिक्षक जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए ऐसे काम का अंजाम देते हैं कि शिक्षा में सुधार की बात बेईमानी ही लगती है.भवन व उपकरण की कमी नहीं प्रखंड के तमाम इंटर विद्यालयों में लाइब्रेरी के लिए लाखों रुपये की पुस्तकें खरीदी गयी. छात्रों के लिए प्रयोगशाला की समुचित व्यवस्था की गयी. भवन, उपस्कर, खेल का मैदान सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था भी सरकार द्वारा किया गया. बावजूद इनके उपयोग के लिए शिक्षकों का न होना पूरी तरह खलता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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