सफाई अभियान के नहीं निकल रहे सार्थक परिणाम

सफाई अभियान के नहीं निकल रहे सार्थक परिणाम शहर के कई इलाकों के लोगों को नहीं मिल रहा गंदगी से निजात फोटो-2, 2 ए, 3प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय शहर में एक महीनों से कई स्थानों पर कूड़ों-कचरों का ढेर लगा है. सफाई की मंथर गति से अभियान के सार्थक परिणाम नहीं निकल रहा है. शहर के […]

सफाई अभियान के नहीं निकल रहे सार्थक परिणाम शहर के कई इलाकों के लोगों को नहीं मिल रहा गंदगी से निजात फोटो-2, 2 ए, 3प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय शहर में एक महीनों से कई स्थानों पर कूड़ों-कचरों का ढेर लगा है. सफाई की मंथर गति से अभियान के सार्थक परिणाम नहीं निकल रहा है. शहर के कई मुहल्लों में फैले कचरों को नगर पर्षद के सफाई कर्मचारी एक-एक महीने बाद उठाते हैं, जिसके परिणाम स्वरूप लोगों को गंदगी के ढेर से होकर गुजरना पड़ता है. इस व्यवस्था से आम नागरिकों, व्यवसायियों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. आरएमडब्ल्यू कॉलेज के समीपराजेंद्र मेमोरियल महिला कॉलेज (आरएमडब्ल्यू) के दक्षिण-पूर्व कॉर्नर पर गंदगी का अंबार लगा रहता है. इस गंदगी के लिए भले ही स्थानीय लोग जिम्मेवार हों, परंतु इस रास्ते से कॉलेज के छात्राओं के साथ-साथ मुहल्ले के हजारों लोग बाजार के लिए गुजरते हैं. इस स्थान से नगर पर्षद की दूरी महज पांच सौ मीटर से भी कम रहने के बाद भी सफाई कर्मियों का ध्यान इस ओर नहीं जाता है. कभी-कभी अभियान चलाकर इस कॉर्नर पर पड़े कूड़े को अर्थमूवर (जेसीबी) के माध्यम से हटाने का काम किया जाता है. स्थानीय गोवर्धन प्रसाद कहते हैं कि कचरों का ढेर फैलकर रास्तों में आ जाता है. इसके कारण कॉलेज आनेवाली छात्राएं व स्थानीय लोगों को कूड़े पर से होकर गुजरना पड़ता है. सौरभ मुदग्ल ने बताया कि नगर पर्षद के सफाई कर्मी को विशेष रूप से बुलाने के बाद इस रास्ते में सफाई होती है. अन्यथा सफाई व्यवस्था से यह रास्त वंचित है. पोस्टमार्टम रोड मोड़ के समीपशहर के इंदिरा चौक से होकर पोस्टमार्टम रोड होते हुए पटेल नगर, शिव नगर आदि मुहल्लों में जानेवाले लोगों को भी बीच सड़क पर पड़े कचरों से परेशानी होती है. कूड़े उठाने के लिए डस्टबीन तो लगा है, परंतु डस्टबीन भरने के बाद उसे उठाये जाने को लेकर कोई पहल नहीं होती है. इसके कारण कचरा बाहर गिरता रहता है और उससे उठते दुर्गंध से लोगों को आना-जाना प्रभावित होता है. लोग नाक पर रूमाल रख कर गुजरते हैं. स्थानीय निवासी मुकेश कुमार कहते हैं कि नियमित सफाई नहीं किये जाने के कारण ही कूड़े का जल्द जमाव हो जाता है, जिससे लोगों को इस व्यवस्था में रहना पड़ता है. शिव नगर निवासी राकेश रोशन कहते हैं कि नगर पार्षद भले ही सड़कों को साफ करने की बात कहें, परंतु गलियों की हालात लोगों के सामने है. साफ-सफाई के नाम पर सिर्फ सड़कों पर ही झाड़ू लगायी जाती है. कचरों के ढेर को हटाने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया जाता है. पुरानी जेल रोड, स्टेडियम कॉर्नरपुरानी जेल रोड स्टेडियम कॉर्नर के पास भी गंदगी का अंबार लगा है़ स्टेडियम के रास्ते गोवर्धन मंदिर, नवीन नगर, वीआइपी कॉलोनी, प्रधान डाकघर की ओर प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं. कचरों के कारण लोगों को काफी फजीहत होती है. कचरों से उठ रहे दुर्गंध से लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है. स्थानीय निवासी राजन कुमार मल्लू ने बताया कि सफाई कर्मचारी कभी कभार इस स्थान का कूड़ा उठा पाते हैं. 15 अगस्त, 26 जनवरी, किसी पर्व त्योहार के मौके पर सफाई ट्रॉली इस ओर गुजरती है. कचरों को उठा कर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करती है. अन्यथा आम दिनों तो लोगों को कचरे भरे रास्ते से ही जाना पड़ता है. स्थानीय निवासी दिलीप कुमार कहते हैं कि नगर पर्षद के साथ-साथ स्थानीय वार्ड पार्षद भी सफाई की दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठा पाते है. इसके परिणाम स्वरूप सफाई व्यवस्था चरमरा जाती है. स्थानीय लोगों के शिकायत के बाद कभी-कभार सफाई हो पाती है. जल्द होगी कार्रवाई नगर परिषद की ओर से शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रतिदिन सुबह और दोपहर में सड़कों पर झाड़ू लगवाया जाता है. यत्र-तत्र फैले कचरों को भी हर संभव उठाने का प्रयास किया जाता है. जिन क्षेत्रों में कचरों का उठाव नहीं हो पाता है वैसे इलाकों में भी छोटी ट्रॉलियां भेज कर सफाई करायी जाती है. अन्य इलाकों में भी जल्द ही सफाई व्यवस्था कर कचरों को उठाने की दिशा में कार्रवाई की जायेगी. सरोज सिंह, उप मुख्य पार्षद, नगर पर्षद, नवादा

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