अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों का मगही में होगा अनुवादमगही साहित्यकार व प्रेमियों खुशी की लहर फोटो- 4नवादा कार्यालय/हिसुआक्षेत्र के मगही साहित्यकार व मगही प्रेमियों के लिए खुशी की बात है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) अंर्तराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों का मगही में अनुवाद का निर्णय लिया है. बिहार की तीन प्रमुख क्षेत्रीय भाषा मैथिली, भोजपुरी और मगही में पुस्तकों का अनुवाद किया जाना है. मगही में अनुवाद के लिए प्रदेश के अन्य मगही साहित्यकारों के साथ हिसुआ के शब्द साधक मंच के सचिव उदय भारती का भी चयन किया गया है. मंच के अध्यक्ष दीनबंधु ने बताया कि मगही में अंर्तराष्ट्रीय स्तर की कई पुस्तकों का अनुवाद मगही में किया जाना है, जिसमें रस्टी के कारनामे, महात्मा गांधी, सरदार बल्लभ भाई पटेल, डॉ भीमराव आंबेजकर, बैजू मामा, विरसा की कहानी आदि पुस्तकों का अनुवाद पहले दौर में करने का प्रस्ताव लिया गया है. बसंत मून द्वारा रचित समता के समर्थक डॉ बाबा साहब आंबेडकर की पुस्तक के अनुवाद का जिम्मा उदय भारती को मिला है. मगही में अनुवाद के लिए उदय भारती के अलावा मगही अकादमी के अध्यक्ष उदय शंकर शर्मा, घमंडी राम, हीरेंद्र विद्यार्थी, सतेंद्र सिंह सुमन व दिलीप कुमार को चयन किया गया है. इसके अलावा मैथिली और भोजपुरी में उषा किरण खान, किशोर वैभव, प्रदीप बिहारी, रिपुसूदन श्री वास्तव सहित सात-सात साहित्यकारों को चुना गया है. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती की पूर्व संध्या पर राष्ट्रभाषा परिषद सभागार पटना में एक कार्यशाला का आयोजन केदार नाथ पांडेय की अध्यक्षता में किया गया. इसमें राष्ट्रभाषा परिषद के निदेशक जयकृष्ण मेहता, पद्मश्री उषा किरण खान, एनबीटी के संपादक कुमार विक्रम, कार्यक्रम अधिकारी डॉ कमाल अहमद सहित आमंत्रित साहित्यकार उपस्थित हुए थे. मगही के उत्थान के लिए एनबीटी की इस पहल पर साहित्यकारों में खुशी है. मंच के शफीक जानी नांदा, अनिल कुमार, पवन पांडेय, दयानंद चौरसिया, अमरेंद्र पुष्प, प्रवीण पंकज, डॉ मिथिलेश कुमार सिन्हा, राजेश मंझवेकर व उपेंंद्र पथिक आदि ने खुशी जाहिर की है
अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों का मगही में होगा अनुवाद
अंतरराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों का मगही में होगा अनुवादमगही साहित्यकार व प्रेमियों खुशी की लहर फोटो- 4नवादा कार्यालय/हिसुआक्षेत्र के मगही साहित्यकार व मगही प्रेमियों के लिए खुशी की बात है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (नेशनल बुक ट्रस्ट) अंर्तराष्ट्रीय स्तर की पुस्तकों का मगही में अनुवाद का निर्णय लिया […]
