पीएचसी में सुविधाओं का टोटा सिरदला. पीएचसी में सुविधाओं की काफी कमी हैं. छह बेड वाले इस अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा होने पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो जाती हैं. बेड की कमी का नजारा बंध्याकरण के दिन देखने को मिलता हैं. समुचित बेड नहीं होने के कारण मरीजों को फर्स पर सोना पड़ता हैं. पीएचसी में डॉक्टरों की काफी कमी हैं. इस पीएचसी में पांच चिकित्सक उपलब्ध हैं, पर सभी अपना-अपना दिन निर्धारित किये हुए हैं. एक समय पर सिर्फ एक हीं डाॅक्टर मिलते है. डॉक्टरों की कमी से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ती हैं. रेगुलर डॉक्टरों में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनंत कुमार के अलावा दंत चिकित्सक शाहीद शफरूदीन व आयुश चिकित्सक डॉ उपेंद्र कुमार हैं. लेडी चिकित्सक नहीं रहने से महिलाओं को काफी फजीहत उठानी पड़ती हैं. जगह की कमी की वजह से प्रसव का कार्य सिटी स्कैन भवन में किया जाता हैं. मरीजों को दवा भी स्वयं ही लाना पड़ता है. पीएचसी में पैथोलॉजी की व्यवस्था नहीं रहने से मरीजो को निजी पैथोलॉजी संचालकों द्वारा आर्थिक दोहन किया जा रहा हैं. इस पीएचसी में मरीजों का इलाज भगवान भरोसे होता हैं.
पीएचसी में सुविधाओं का टोटा
पीएचसी में सुविधाओं का टोटा सिरदला. पीएचसी में सुविधाओं की काफी कमी हैं. छह बेड वाले इस अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा होने पर अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो जाती हैं. बेड की कमी का नजारा बंध्याकरण के दिन देखने को मिलता हैं. समुचित बेड नहीं होने के कारण मरीजों को फर्स पर सोना […]
