शहीद-ए-आजम कॉन्फ्रेंस अायोजित सिरदला.रजौंध गांव में गुरुवार की रात को जश्न शहिदे आजम काॅन्फ्रेंस व उर्स मुक्द्दस का आयोजन किया गया. इसमें हजरत जुनैत अता कादरी ने बताया कि बा हुसैन ने बखुबी अंजाम दिया. उन्होंने 72 अनुयाईयों के साथ शहीद होना कबूल किया. यजिद के हाथों अनुयायी होना मंजूर नहीं किया. शहीदे कर्बला व शाहिबे उर्स के बैगमात को समायीन के हवाले किया. यह जानकारी मोहम्मद शबीर हुसैन कादरी ने बताया कि इस काॅन्फ्रेंस का सदारत-हजरत सुफी अली अब्बास फरिदी किये. उनके साथ उल्माये कराम, शयरे इस्लाम, नकीबे आजम हिन्दुस्तान, हजरत जुनैद अता कादरी व बुलबुले बागे मदीना, हजरत जुनैद, अशरफ शाहब, शहंशाहे तरन्नुम, हजरत मुस्ताक अंजुम, हजरत अल्लामा, मौलाना मोहम्मद गुलाम रब्बानी, फैजी शाहब, खतीबे इमाम गरीब नवाज, जामा मसजिद कोलकता व खतीबे कमाल हजरत अल्लामा, मौलाना मोइन उद्दीन कादरी शाहब औरंगाबाद से तशरीफ लाये.
शहीद-ए-आजम कॉन्फ्रेंस आयोजित
शहीद-ए-आजम कॉन्फ्रेंस अायोजित सिरदला.रजौंध गांव में गुरुवार की रात को जश्न शहिदे आजम काॅन्फ्रेंस व उर्स मुक्द्दस का आयोजन किया गया. इसमें हजरत जुनैत अता कादरी ने बताया कि बा हुसैन ने बखुबी अंजाम दिया. उन्होंने 72 अनुयाईयों के साथ शहीद होना कबूल किया. यजिद के हाथों अनुयायी होना मंजूर नहीं किया. शहीदे कर्बला व […]
