आंकड़ों में उलझी मतों की गणना नवादा कार्यालय. प्रत्याशियों व इनके समर्थकों में डाले गये वोटों का जोड़ घटाव करना शुरू कर दिया है. हालांकि, यह आंकड़े कभी इन्हें जीत की ओर ले जाता है, तो अगले ही पल इनके चेहरे पर फैला तनाव बता जाता है. चुनाव का परिणाम क्या होगा. जानकारी के अनुसार, रजौली में एक लाख 55 हजार 151, हिसुआ में एक लाख 84 हजार 133, नवादा में एक लाख 80 हजार 645, गोविंदपुर में एक लाख 59 हजार 941 व वारिसलीगंज में एक लाख 68 हजार 241 वोट डाले गये हैं. इन वोटों को समर्थक कभी एनडीए के विकासवाद, तो कभी नीतीश कुमार की सोशल इंजीनियरिंग से जोड़ कर आंकड़े अपने पक्ष में करते है. आंकड़ों को समर्थक जाति, संप्रदाय व लिंग के आधार पर भी बांट कर आंकड़ों को अपनी जीत तक पहुंचाते हैं. यह कयास शहर, गांव के चौक चौराहों व नुकड़ों पर लगाये जा रहे है. हालांकि, डाले गये वोटों का वास्तविक मंथन प्रत्याशियों के कार्यालयों में चल रहा है. इसी मंथन के बाद इन्हें जीत रूपी अमृत मिलने वाली है. कई प्रत्याशियों ने वोटों के वास्तविक आंकड़ें जुटाने को लेकर दूसरे प्रत्याशियों तक भी अपने लोगों को छोड़ रखा है. यह गणितज्ञ भले नहीं है. पर राजनीतिक जोड़ घटाव के बड़े खिलाड़ी माने जाते है. इन्हीं पर जीत हार का परिणाम निर्भर करता है.
आंकड़ों में उलझी मतों की गणना
आंकड़ों में उलझी मतों की गणना नवादा कार्यालय. प्रत्याशियों व इनके समर्थकों में डाले गये वोटों का जोड़ घटाव करना शुरू कर दिया है. हालांकि, यह आंकड़े कभी इन्हें जीत की ओर ले जाता है, तो अगले ही पल इनके चेहरे पर फैला तनाव बता जाता है. चुनाव का परिणाम क्या होगा. जानकारी के अनुसार, […]
