जिले की सीमाएं रही सीलनवादा कार्यालय. विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर जिले की 11 सीमाओं को सील किया गया था. इसके कारण दूसरे जिलों से वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ. बिहार-झारखंड के लाइफ लाइन के नाम से मशहूर 31 पर भी वाहनों का परिचालन नहीं हुआ. इसके कारण सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा. मतदान कार्य संपन्न होने के बाद सील हुई सीमाओं को खोल दिये जाने के बाद वाहनों का आवागमन फिर से शुरू हो सका. वाहनों के इंतजार में अपनी यात्रा ठप करने वाले लोगों ने मतदान कार्य संपन्न होने के बाद अपनी यात्रा फिर से शुरू की. नवादा से कोलकाता, रांची, टाटा, पटना, गया, जमुई, बेगूसराय, गिरिडीह आदि जिलों के लिए खुलने वाले वाहन देर शाम से शुरू हो गये. लगभग 18 घंटों तक जिले की सीमाएं सील रहने से लोगों का आवागमन नहीं हुआ. इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर प्राय: सभी वाहनों को जिले के बाहर ही रोक दिया गया.
जिले की सीमाएं रही सील
जिले की सीमाएं रही सीलनवादा कार्यालय. विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर जिले की 11 सीमाओं को सील किया गया था. इसके कारण दूसरे जिलों से वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ. बिहार-झारखंड के लाइफ लाइन के नाम से मशहूर 31 पर भी वाहनों का परिचालन नहीं हुआ. इसके कारण […]
