बजरंग दल व विहिप के गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के परिजनों से मिल कर रो पड़े केंद्रीय मंत्री, कहा
नवादा नगर : सरकार का काम निष्पक्ष होकर फैसला करना है, 2017 में सद्भावना चौक पर जिन्होंने भगवान श्रीराम के पोस्टर फाड़े, हिंसा की, उन्हें छोड़ दिया गया है. संघ परिवार के कार्यकर्ताओं को सांसद होने के नाते इंसाफ दिलाऊंगा.
ये बातें केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने रविवार को कहीं. वह बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के परिजनों से मिलने पहुंचे थे. केंद्रीय मंत्री परिवार के सदस्यों को रोते देख भावुक हो गये आैर उनकी आंखों से भी आंसू छलक पड़े. गिरफ्तार बजरंग दल के जिला संयोजक जितेंद्र प्रताप जीतू, विहिप के संयोजक कैलाश विश्वकर्मा आदि के घर जाकर केंद्रीय मंत्री परिजनों से मिले तथा उन्हें सांत्वना दी.
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि वह खुद केंद्रीय मंत्री व राज्य सरकार में सहयोगी हैं, बावजूद न्याय नहीं दिला पा रहे हैं. इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यही तो विवशता है.
वह विवशता के आंसू रो रहे हैं. शासन प्रशासन का काम निष्पक्ष होकर काम करना है. जिले में 2014 से सामाजिक सौहार्द बनाने तथा गरीबों की मदद करने में जिनकी भूमिका रही, उन्हीं को प्रशासन ने धारा 307 का आरोपित बना दिया है. राज्य सरकार खासकर हिंदू संगठनों में काम करनेवालों के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है.
कार्यकर्ताओं को दिलाऊंगा न्याय : केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिंदुओं को दबाना सेकुलरिज्म नहीं है. सर्वधर्म समभाव में किसी धर्म विशेष को प्रताड़ित करना सेकुलरिज्म नहीं है. उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के साथ हैं. परिजनों को सांत्वना दी कि गिरफ्तार लोग किसी गलत काम के लिए जेल नहीं गये हैं. सांसद होने के नाते वह कार्यकर्ताओं के लिए संघर्ष करेंगे.
शासन-प्रशासन पर निकाली भड़ास
बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज ने शनिवार को जेल जाकर गिरफ्तार बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद के नेताओं से भी मिले थे. रविवार को हिंसा के आरोपितों के परिवारवालों से मुलाकात की.
गिरिराज सिंह बजरंग दल एवं विहिप के गिरफ्तार कार्यकर्ताओं के परिजनों से मुलाकात के बाद प्रशासन पर जम कर भड़ास निकाली और कहा कि, जिसने शांति बहाल करने में अहम भूमिका निभायी उन्हें ही पूरे मामले में फंसाया गया. पीड़ित परिवार से मिलने के दौरान मंत्री ने हिंदू संगठन के नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर हमला बोला . उन्होंने ने कहा कि जिन लोगों ने पोस्टर फाड़े, हिंसा की उनको छोड़ दिया गया है.
