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जमीन की कमी से नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के अस्तित्व पर छाया संकट

By Prabhat Khabar Print Desk
Updated Date
निर्माणाधीन भवन
निर्माणाधीन भवन
प्रभात खबर

नालंदा : 15 अगस्त को नालंदा खुला विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन होना था, परंतु शिलान्यास के करीब 18 महीने बाद भी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का निर्माण नहीं होने से उद्घाटन नहीं हो पाया. 10 एकड़ भूमि में मुख्यमंत्री द्वारा एक मार्च, 2019 को शिलान्यास किया गया था. उस समय उन्होंने उद्घाटन की तिथि 15 अगस्त, 2020 तय कर दी थी. यूजीसी के मानक के अनुसार इस विश्वविद्यालय को 40 एकड़ जमीन की जरूरत है. इसलिए शिलान्यास के समय मुख्यमंत्री ने विवि को शीघ्र ही 30 एकड़ और जमीन मुहैया कराने की घोषणा की, लेकिन 18 महीने बाद भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ नहीं हो सकी है. इसका कारण आवंटन का नहीं होना बताया जा रहा है.

1987 में यह विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया

ज्ञातव्य हो कि नालंदा खुला विश्वविद्यालय बिहार का एकलौता विश्वविद्यालय है, जिसमें दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से करीब डेढ़ लाख लोगों को शिक्षा दी जा रही है. तत्कालीन मुख्यमंत्री बिंदेश्वरी दूबे द्वारा इसकी स्थापना की घोषणा 'राजगीर नृत्य महोत्सव' के उद्घाटन के दौरान 1986 में की गयी थी. यह भी तय हुआ था कि इस विश्वविद्यालय का मुख्यालय नालंदा में होगा. 1987 में यह विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया. तब से अब तक यह विश्वविद्यालय पटना में ही किराये के मकान में चल रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से नालंदा के महाबोधि कॉलेज के बगल में इसके लिए 10 एकड़ जमीन का अधिग्रहण पहले चरण में किया गया है. उक्त अधिग्रहित जमीन पर प्रशासनिक व एकेडमिक भवन का निर्माण किया जा रहा है.

निर्माण के लिए 40 एकड़ जमीन जरूरी

जानकार बताते हैं कि किसी भी दूरस्थ शिक्षा संस्थान के निर्माण के लिए 40 एकड़ जमीन जरूरी है, जो फिलहाल नालंदा खुला विवि के पास नहीं है. इससे विवि के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. हालांकि शिक्षा विभाग के निवर्तमान अपर मुख्य सचिव आरके महाजन व नालंदा खुला विश्वविद्यालय के दो कुलपतियों द्वारा 10 एकड़ में बन रहे भवन के कार्यों का अलग-अलग निरीक्षण किया जा चुका है. गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने व निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश कार्य एजेंसी को दिया गया था. बावजूद शिलान्यास के करीब 18 महीने बाद भी केवल प्रथम तल का ही निर्माण हो सका है.

कहते हैं अधिकारी

नालंदा खुला विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ एसपी सिन्हा ने कहा कि नालंदा खुला विश्वविद्यालय की स्थापना बिहार सरकार द्वारा की गयी है. यूजीसी के अनुसार इसके भवन निर्माण के लिए 40 एकड़ जमीन का होना आवश्यक है. सरकार द्वारा 10 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय प्रशासनिक एवं एकेडमिक भवन के लिए उपलब्ध कराया गया है. नालंदा खुला विश्वविद्यालय द्वारा 30 एकड़ और जमीन की मांग शिक्षा विभाग से की गयी है.

कोरोना से काम हुआ बाधित

एक्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि शिलान्यास के एक साल बाद उन्हें भवन का नक्शा उपलब्ध कराया गया है. इस कारण भवन निर्माण कार्य आरंभ होने में अनावश्यक विलंब हुआ है. इसके अलावा वैश्विक महामारी कोरोना और वर्षा ऋतु से भी निर्माण कार्य बाधित हुए हैं. प्रशासनिक एवं एकेडमिक भवन के प्रथम तल का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है. दूसरे तल का निर्माण कार्य आरंभ किया गया है.

posted by ashish jha

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