Nalanda: नालंदा जिले के एक गांव की रहने वाली युवती ने शेखपुरा जिले के पांची गांव निवासी 22 वर्षीय विक्रम कुमार से इंस्टाग्राम के जरिए संपर्क किया. जिसके बाद धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ने लगी और विश्वास होने के बाद लड़की ने युवक को मिलने के लिए बुलाया और जैसे ही रमेश 28 अप्रैल की रात चोरसुआ मोड़ पर उससे मिलने पहुंचा उसका अपहरण कर लिया गया. युवक को अगवा करने के तुरंत बाद बदमाशों ने रमेश के पिता सागर रविदास को फोन कर 6 लाख रुपये की फिरौती मांगी , जिससे परिवार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
लोकेशन ट्रैक कर पुलिस ने बढ़ाया दबाव
घटना की सूचना मिलते ही राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई. पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया तो वह पंचाने नदी के आसपास मिला. लेकिन पुलिस ने जब छापेमारी की तबतक आरोपी वहां से भाग निकले, लेकिन पुलिस की लगातार छापेमारी और तकनीकी निगरानी से उनका दायरा सिमटता गया.
पुलिस की सख्ती और बढ़ते दबाव को देखते हुए अपराधियों ने विक्रम कुमार को पावापुरी फ्लाईओवर के पास छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को सही सलामत बरामद कर लिया.
अपहरण की घटना में लड़की के साथ उसका बॉयफ्रेंड भी शामिल
पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने अपने बॉयफ्रेंड और अन्य साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली. पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और जल्द ही पूरे गिरोह को पकड़ने का दावा किया जा रहा है. यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से जुड़ाव कभी-कभी खतरनाक साबित हो सकता है, ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
