तीन चिकित्सक व एनएनएम पर एफआइआर का आदेश

कार्रवाई. जननी बाल सुरक्षा योजना में गड़बड़ी उजागर तीन एनएनएम व आशा की संविदा रद्द पूर्व व वर्तमान चिकित्सा प्रभारी समेत पांच डाक्टरों पर कारवाई वर्ष 2011-13 में योजना में की गयी है गड़बड़ी बिहारशरीफ : जननी बाल सुरक्षा योजना में भारी गड़बड़ी किये जाने का मामला उजागर हुआ है. योजना में गड़बड़ी के आरोप […]

कार्रवाई. जननी बाल सुरक्षा योजना में गड़बड़ी उजागर

तीन एनएनएम व आशा की संविदा रद्द
पूर्व व वर्तमान चिकित्सा प्रभारी समेत पांच डाक्टरों पर कारवाई
वर्ष 2011-13 में योजना में की गयी है गड़बड़ी
बिहारशरीफ : जननी बाल सुरक्षा योजना में भारी गड़बड़ी किये जाने का मामला उजागर हुआ है. योजना में गड़बड़ी के आरोप में डाक्टर समेत कई स्वास्थ कर्मियों पर एफआइआर करने का आदेश दिया गया है. मामला रहुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्ष 2011-13 में गड़बड़ी करके रुपये का बंदरवाट करने का है. इस प्रकरण में दोषी सभी पर कड़ी कार्रवाई की गयी है. जिला लोक शिकायत निवारण केंद्र में शिकायत किये जाने के बाद मामले को गंभीरता से जांच करायी गयी. जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी लोगों पर डीएम डाॅ त्याग राजन एसएम ने रहुई पीएचसी के पूर्व व वर्तमान चिकित्स प्रभारी को निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है.
इसी प्रकार योजना का लाभ दिलाये जाने के लिए गलत लोगों की नुशंसा करने वाले तीन चिकित्सकों पर भी एफआइआर करने का आदेश दिया है.
तीन एएनम की संविदा रद्द करने के साथ एफआइआर करने का भी आदेश दिया गया है. साथ ही इस प्रकरण के दोषी आशा कर्मी की संविदा रद्द करते हुए उस पर भी एफआइआर करने का आदेश दिया गया है.डीएम श्री राजन ने बताया कि इस मामले में आशा कर्मी आशा देवी एएनएम पुष्पलता सिन्हा की संविदा रद् द करते हुए उसपर एफआइआर दर्ज करने को कहा गया हैं. प्रसव का प्रमाणित करने वाले चिकित्सक डाॅ सुनील जो वर्तमान में नवादा में पदस्थापित हैं उनपर भी एफआइआर करने के साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए कहा गया है. श्री राजन ने आगे बताया कि प्रसव का प्रमाणित करने वाले डा.अजय कुमार चौधरी व डाॅ योगेद्र प्रसाद पर भी एफआइआर दर्ज होगी. इस प्रकार पीएचसी के लेखपाल पर भी विभागीय कार्रवाई एवं स्थांनातरण का आदेश दिया गया है.
रहुई में वर्ष 2011- 13 में तैनात प्रभारी चिकित्सा प्रभारी पर भी निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा कीगयी है. एएनएम स्वीटी कुमारी एवं एनएमएम सतिलाज कुमारी की भी संविदा रद्द करने के साथ एफआइआर का आदेश दियागया है. रहुई के वर्तमान चिकित्सा प्रभारी का स्थांनातरण इस्लामपुर करते हुए उन पर भी विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है. डीएम ने बताया कि वर्ष 2011-13 में सात गलत लोगों को बाल सुरक्षा योजना का लाभ दिलाये जाने के मामले में उक्त सभी दोषी पाये गये है.
डीएम ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों एवं चिकित्सकों से मरीजों को उपलब्ध संसाधनों से संवेदनशीलतापूर्वक इलाज करें. एवं सरकार के द्वारा देय लाभ हमेशा योग्य लाभुकों को ही दें. किसी भी स्तर से होने वाली गड़बड़ी पर कङी कार्रवाई की जायेगी. वर्ष 2011-13 में सात गलत लोगों को दिया गया लाभ.
क्या है जननी बाल सुरक्षा योजना
संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिये जाने के लिए सरकार के द्वारा सरकारी अस्पतालों में जननी बाल सुरक्षा योजना चलायी गयी है. इसके तहत प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद जच्चे-बच्चे की सुरक्षा के लिए चौदह सौ रुपये दिये जाते है. इसी राशि को लेकर गड़बड़ी की जाती है. बिना अस्पताल भर्ती होने वाली महिलाओं को भी योजना का दिलाये जाने की शिकायत है.इस तरह के मामले आने पर कार्रवाई किये जाने का प्रावधान है.
इन लोगों पर हुई कार्रवाई
पूर्व व वर्तमान पीएसची प्रभारी
डा.सुनील, डा.अजय कुमार चौधरी,डा.योगेन्द्र प्रसाद
आशाकर्मी आशा देवी
एएनएम पुष्पलता कुमारी,स्वीटी कुमारी एवं सतिलाज कुमारी
पीएचसी के लेखापाल