कुमार गौरव, मुजफ्फरपुर किसी प्रकार की गाड़ी चाहे वह डीजल, पेट्रोल, इलेक्ट्रिक इंजन का हो, उसमें पैसेंजर और मालवाहक वाहन सभी का अलग लाइसेंस होता है. इसके अलावा एक प्राइवेट ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) होता है जिसमें आप दो पहिया व चार पहिया गाड़ी चला सकते हैं. दो पहिया के डीएल में भी विथ गियर और विदाउट गियर का अलग डीएल होता है. वैसे वाहन जिसकी अधिकतम स्पीड 25 होती है केवल उसी वाहन को चलाने के लिए डीएल की आवश्यकता नहीं होती है. कुछ माह पूर्व सरकार ने निजी चौपहिया वाहन के लाइसेंस पर टैक्सी चौपहिया चलाने की अनुमति प्रदान की है. लेकिन प्राइवेट चारपहिया के लाइसेंस पर टैक्सी चारपहिया व पिकअप चारपहिया (क्षमता तय) चला सकते हैं, लेकिन तीन पहिया वाहन नहीं. कुछ चौपहिया छोटे ट्रक व बस भी होते हैं जिसे आप प्राइवेट एलएमवी डीएल पर नहीं चला सकते हैं. चार पहिया छोटे ट्रक व बस के लिए मध्यम वाहन चलाने का अलग डीएल बनता है. वाहन चलाने के लिए जो लाइसेंस जारी होता है वह गाड़ी के व्हील बेस और उसकी क्षमता के अनुसार अलग अलग तय होता है. सबसे अधिक डीएल प्राइवेट बनते हैं, जिसमें एमसीडब्लुजी (मोटरसाइकिल विथ गियर) और एलएमवी (लाइट मोटर व्हीकल) जैसे कि चार से सात सीट वाली कार. वहीं प्राइवेट डीएल में एमसीडब्लूजी (मोटरसाइकिल विदाउट गियर) जैसी स्कूटी जो बिना क्लच वाले दोपहिया वाहन हैं. महिलाएं ज्यादातर स्कूटी का लाइसेंस बनवाती है.
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