दीपक 21- सिर्फ डिग्री देने की मशीन बनकर नहीं रहे विश्वविद्यालय, हो गुणवत्तापूर्ण रिसर्च : कुलपति

Universities should not become mere degree

विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में रिसर्च मेथेडोलॉजी विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत मुजफ्फरपुर. बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के पीजी अर्थशास्त्र विभाग में गुरुवार को रिसर्च मैथेडोलॉजी पर दो दिवसीय कार्यशाला की शुुरुआत हुई. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.डीसी राय ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया. अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि अकादमिक रिसर्च का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान खोजना होना चाहिए. रिसर्च में क्वालिटी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी पीएचडी डिग्री देने की मशीन बनकर नहीं रहे, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले होने चाहिए. ये सुनिश्चित करने के लिए पीएचडी वाइवा के दौरान अब वे स्वयं मौजूद रहेंगे. इससे पहले विभागाध्यक्ष प्रो.विनीता वर्मा ने कुलपति व अन्य अतिथियों का. बीएचयू से पहुंचे प्रो. राकेश रमण ने तकनीकी सत्र में रिसर्च की बारीकियों से अवगत कराया. उन्होंने अर्थशास्त्र अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और अनुभव साझा किया. उन्होंने विभिन्न शोध पद्धतियों, डेटा संग्रह तकनीकों, विश्लेषण विधियों और शोध निष्कर्षों की प्रस्तुति पर चर्चा की. कहा कि शोध के विषय चयन में शब्दों का चयन सोच-समझकर करें. शब्द सीमित हो और संबंधित विषय पर आधारित हो. कुलसचिव प्रो. संजय कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विनिता वर्मा ने कहा कि रिसर्च मेथेडोलॉजी विषय पर ज्ञानवर्धन के लिए यह कार्यशाला आयोजित की गयी. शुक्रवार को कार्यशाला में एएन सिन्हा इंस्टीट्यूट पटना के अविरल पांडेय विशेषज्ञ के रूप में शामिल होंगे. मौके पर डॉ अनिता कुमारी, डॉ सुनील कुमार, डॉ अजय कुमार, राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ नीलम कुमारी समेत अन्य शिक्षक और रिसर्च स्कॉलर मौजूद रहे. संचालन डॉ रोजी सोलोचना ने किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >